भुवनेश्वर, 23 मई (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चौथे शनिवार की छुट्टी के बावजूद शनिवार को खारवेल भवन स्थित कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रमुख शासन संबंधी मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
राज्य सरकार के दो साल पूरे होने के करीब आने पर मुख्यमंत्री ने सरकारी वादों के कार्यान्वयन, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, औद्योगीकरण की पहलों, रोजगार के अवसरों और विकास के भविष्य के रोडमैप की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा की। इससे पहले, उन्होंने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राज्य भर में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन को कई व्यावहारिक सुझाव दिए थे।
इससे पहले, 21 मई को मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा और पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया के साथ उन निर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
मोहन चरण मांझी ने कहा कि राज्य के विकास के लिए शांतिपूर्ण कानून व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को अधिक कुशलता, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सलाह दी। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा भी उपस्थित थे।
पश्चिम एशिया में बने हालात और ईंधन खपत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ओडिशा सरकार ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों के लिए 8 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईंधन संरक्षण को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या कम की थी और आम लोगों से भी ईंधन की बचत करने की अपील की थी।
सरकार द्वारा जारी 8 प्रमुख निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा, सरकारी दफ्तरों में इलेक्ट्रिक वाहनों की अनिवार्यता, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कारपूलिंग, वाहन उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन, आधिकारिक दौरों में सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता, निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की योजना, सरकारी कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा और ईंधन खपत में 10 प्रतिशत कटौती का लक्ष्य शामिल है।

