पटियाला रेलवे ट्रैक धमाके के बाद विपक्ष ने पंजाब सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

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पटियाला, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। पटियाला में शंभू-हरियाणा बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सुखबीर सिंह बादल समेत विपक्ष के नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खुफिया इनपुट के बावजूद एहतियात नहीं बरती गई। अब सीएम भगवंत मान से तुरंत सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है।

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “कल रात शंभू के पास दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर हुए कायरतापूर्ण धमाके की कोशिश की मैं कड़ी निंदा करता हूं। यह साफ है कि कई दिन पहले खतरे की जानकारी मिलने के बावजूद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया। यह घटना पुलिस थानों और चौकियों पर कई धमाकों और यहां तक कि राज्य इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमले के बाद हुई है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह मंत्री भी हैं, उन्हें अपनी गहरी नींद से जागना चाहिए और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। उनका लापरवाह रवैया पंजाब को फिर से उस पुराने अंधेरे दौर में धकेल रहा है, जो बिल्कुल भी मंजूर नहीं है।”

शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, “शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक पर जबरदस्त धमाका होने से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे ट्रेन सेवाएं भी ठप हो गई। सरहिंद धमाके और गुरदासपुर में संदिग्ध चीजें मिलने के बाद, बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से पंजाब में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस हालात के बीच मुख्यमंत्री और गृह मंत्री भगवंत मान क्या कर रहे हैं?”

उन्होंने कहा, “अब तक कानून-व्यवस्था पर कोई साफ कार्ययोजना या उच्चस्तरीय समीक्षा नहीं हुई है। पुलिस का इस्तेमाल एक राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। सुरक्षा से जुड़े फैसले जनता की सुरक्षा के बजाय राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। वे उन लोगों को बचाने में व्यस्त हैं जो सांसदों के घरों पर “गद्दार” लिखकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं और ट्रक यूनियन के नेताओं को पनाह दे रहे हैं, जबकि आम नागरिक परेशान हो रहा है। 1980 और 1990 के दशक वाली कानून व्यवस्था की स्थिति के फिर से लौटने का डर बढ़ता जा रहा है।”

मजीठिया ने कहा कि क्या कोई काम करने वाली सरकार है? इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? कार्रवाई करने से पहले और कितनी घटनाएं होनी बाकी हैं? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर नाकामी को दिखाता है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब की सुबह दो परेशान करने वाली घटनाओं के साथ हुई। पहला बटाला में दो लोगों की हत्या और दूसरा पटियाला जिले में राजपुरा और शंभू के बीच रेलवे ट्रैक पर बम धमाका। ये अशुभ संकेत हैं। पंजाब में बड़ी मुश्किल से हासिल की गई शांति अब खतरे में है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पहले से ही अपने अस्तित्व को बचाने में लगी हुई है, ऐसे में यह साफ है कि अराजक तत्व और अपराधी इस स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। हम राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार को बार-बार आगाह और चेतावनी देते रहे हैं।

दुख की बात है कि सरकार की प्राथमिकताएं पंजाब के लोगों की जान-माल की रक्षा करने के बजाय केवल अपने अस्तित्व को बचाने तक ही सीमित हैं। अपराधियों और उपद्रवियों पर नजर रखने के बजाय आप सरकार स्पष्ट कारणों से अपने ही विधायकों पर नजर रखने में व्यस्त नजर आ रही है।