पटना, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर पटना के बापू सभागार में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया। हालांकि, उनके संबोधन के दौरान सभागार खाली दिखाई दिया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में चुनाव प्रणाली, ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने देश में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई और पिछले वर्षों में हुए चुनावों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान एक और पहलू चर्चा का विषय बना रहा। जिस सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया था, वहां भीड़ मुख्य रूप से मंच और सामने की कुछ पंक्तियों तक ही सीमित दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि खड़गे मंच से संबोधित कर रहे थे, जबकि सभागार की बड़ी संख्या में सीटें खाली नजर आ रही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खड़गे के भाषण के दौरान कई कार्यकर्ता और समर्थक सभागार से बाहर जाते दिखाई दिए। एक समय ऐसा भी आया, जब मंच पर नेताओं की मौजूदगी के बावजूद हॉल का बड़ा हिस्सा खाली नजर आया। बताया जा रहा है कि खड़गे के संबोधन से पहले ही कई कांग्रेसी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए थे।
अपने संबोधन में खड़गे ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक बिहार के निर्माण का प्रमुख शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, शिक्षा, सिंचाई और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए। साथ ही उन्होंने सामाजिक सुधारों, विशेष रूप से छुआछूत के खिलाफ उनके अभियान का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बीच एक युवक ने हस्तक्षेप कर दिया। घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई और युवक के साथ कथित तौर पर हाथापाई भी हुई।
जानकारी के अनुसार, युवक खुद को कांग्रेस समर्थक बता रहा था और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई पर अपनी बात रखने की कोशिश कर रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने कहा कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी सत्ता से नहीं जाने वाले हैं। इसके बाद मंच के सामने माहौल गरमा गया और कुछ कार्यकर्ताओं ने युवक के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट कर दी।
