पीएम मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी कांग्रेस की घिनौनी सोच: पीयूष गोयल

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मुंबई, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की आपत्तिजनक टिप्पणी पर सियासी विवाद गहरा गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे कांग्रेस पार्टी की “घिनौनी सोच” करार दिया है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस तरह की भाषा और मानसिकता केवल कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों में ही देखने को मिलती है। गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व और उसके सहयोगी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि देश की जनता ने लगातार तीन बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना है।

पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ क्षेत्रीय दल परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन तथा महाराष्ट्र के नेताओं उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और शरद पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दलों में वंशवाद की राजनीति हावी है। उन्होंने यह भी कहा कि खड़गे के बयान पर अब तक माफी नहीं मांगना अत्यंत निंदनीय है और देश की जनता इसका जवाब देगी।

इस बीच, पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर गोयल ने इसे अत्यंत दुखद घटना बताते हुए देशवासियों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का भी दायित्व है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें, अज्ञात व्यक्तियों को बिना सत्यापन के काम या ठहरने की जगह न दें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।

आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे मुद्दों पर पीयूष गोयल गोयल ने कहा कि ये लंबे समय से देश के सामने गंभीर चुनौतियां रही हैं। इनके समाधान के लिए सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई, मजबूत खुफिया तंत्र और सामाजिक-आर्थिक विकास—तीनों का संतुलित प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी एक घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझना चाहिए।

पश्चिम बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा किकानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी सामाजिक योजनाओं और विकास कार्यों का हवाला देती रही है। इसी तरह ‘घुसपैठ’ का मुद्दा भी बंगाल और असम की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। गोयल ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते बाहरी लोगों को संरक्षण देने की कोशिशें देशहित के खिलाफ हैं।

वहीं तमिलनाडु का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहते हैं, लेकिन राज्य शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई सामाजिक सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन करता रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘अराजकता’, ‘ड्रग्स’ और ‘महिला सुरक्षा’ जैसे मुद्दे केवल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में अलग-अलग स्तर पर मौजूद चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा।

उन्‍होंने कहा कि इन राज्‍यों में एनडीए की सरकार आने वाली है और पीएम मोदी के नेतृत्‍व में हम एक अच्‍छी और जनहित की सरकार लाने के लिए तत्‍पर हैं।