जम्मू, 31 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कथित अत्याचारों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार पड़ोसी देश को घेर रही है। जम्मू में पार्टी प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया और डॉ. ताहिर चौधरी ने केंद्र सरकार के रुख को दोहराया और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
भाजपा प्रवक्ता डॉ. ताहिर चौधरी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “एनडीए सरकार हमेशा पीओजेके और वहां के लोगों के साथ खड़ी है। जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने भी बार-बार कहा है कि पीओजेके हमारा है, वहां के लोग हमारे हैं और इसे सरकार वापस लेगी, क्योंकि यह हमारा हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।”
उन्होंने कहा कि पीओजेके में पाकिस्तान लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। वहां के लोगों पर अत्याचार, अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी और संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि पीओजेके भारत का अभिन्न हिस्सा है और उसे वापस लिया जाएगा।
भाजपा प्रवक्ता अभिजीत जसरोटिया ने विपक्षी दलों, खासकर नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सबसे पहले तो, क्या आपमें से किसी ने, या डॉ. फारूक अब्दुल्ला या महबूबा मुफ्ती ने कभी पाकिस्तान की निंदा की? क्या उन्होंने कभी पाकिस्तान का जिक्र भी किया? मैं पूछना चाहता हूं कि पाकिस्तान के लिए यह प्यार क्यों है?”
जसरोटिया ने आगे कहा, “क्योंकि न सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस के अकबर लोन, बल्कि वे लोग भी जो असेंबली में ‘पाकिस्तान’ के नारे लगाते थे, और आप मैडम महबूबा मुफ्ती के बयान भी देखते रहते हैं। मैं पूछना चाहता हूं, क्या पीओजेके के लोग हमारे लोग नहीं हैं? या क्या नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी उन्हें हमारे लोग नहीं मानती?”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता पीओजेके के मुद्दे पर चुप्पी साध लेते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलते। पीओजेके के लोगों को भी भारत के विकास और लोकतंत्र का हिस्सा बनना चाहिए।
जसरोटिया ने पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “चाहे पप्पू यादव हों या कोई और पप्पू, जहां तक मैं समझता हूं, इन सभी की सोच हमेशा से सनातन और हिंदुओं के खिलाफ रही है। मैं उनसे एक बात पूछना चाहता हूं कि इन सबसे आपका क्या लेना-देना है? हमारा घर, हमारा मंदिर, हम देखेंगे कि क्या होता है और क्या नहीं। आप कौन हैं?”
जसरोटिया ने आरोप लगाया, “आपके लिए भगवान राम काल्पनिक हैं। आपके लिए राम सेतु जैसा कोई पुल कभी था ही नहीं। आप जानते हैं कि हमारे खिलाफ जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उसके बाद आपको सनातन के बारे में बात करने का कोई हक नहीं है।”

