अजमेर, 31 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत अजमेर जिले के विभिन्न गांवों में करोड़ों रुपए की लागत से जल संरक्षण एवं सिंचाई से जुड़े अनेक विकास कार्य किए गए हैं। इन कार्यों से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, वहीं वर्षा जल के संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने की दिशा में भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आ रहे हैं।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के अजमेर जिला नोडल अधिकारी शलभ टंडन ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जिले में विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। योजना के तहत टिकावड़ा गांव में वाटर रिचार्ज शाफ्ट, टैंक, जल संरक्षण संरचनाएं और वर्षा जल संचयन के कार्य किए गए हैं, जिससे बरसात के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में योजना का दूसरा चरण संचालित किया जा रहा है। यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसके लिए करोड़ों रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। योजना को केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है और इसका उद्देश्य हर खेत तक पानी पहुंचाने के साथ-साथ जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत हाईवे क्षेत्रों में जल निकासी और जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पुलियों का निर्माण भी कराया गया है, जिससे वर्षा जल का बेहतर उपयोग हो सके और पानी को संरक्षित कर भूजल पुनर्भरण में सहायता मिले।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से अजमेर जिले में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्य ग्रामीणों के लिए राहत का कारण बने हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ-साथ भविष्य की जल जरूरतों को भी सुरक्षित करने में मदद मिल रही है। केंद्र सरकार की यह योजना ‘हर खेत को पानी’ और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ के लक्ष्य को धरातल पर साकार करती नजर आ रही है।

