प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करें: योगेंद्र उपाध्याय

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लखनऊ, 6 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बुधवार को कानपुर में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग तय समयसीमा में परिणाम दें।

मंत्री ने सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विद्युत व्यवस्था पर सख्ती दिखाते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था में शिफ्ट किया जाए और गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित हो। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने और प्रत्येक उपकेंद्र पर स्थानीय शिकायत निस्तारण केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

उपाध्याय ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी चिकित्सकों की ओपीडी उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री ने किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य करते हुए सभी मकान मालिकों को पुलिस वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए गर्ल्स कॉलेज, छात्रावास और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। एंटी रोमियो स्क्वायड को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि वर्ष 2025 से पूर्व के सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ड्रोन संचालकों के अनिवार्य सत्यापन के निर्देश भी दिए गए। नगर विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मैनावती मार्ग के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरी हों और अनावश्यक देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगी। उपाध्याय ने कहा कि कानपुर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक एवं शहरी केंद्र है, ऐसे में अधिकारियों को जनहित के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।