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‘प्रोग्रेसिव अलायंस से क्या है गांधी परिवार का संबंध’, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर बरसे तुहिन सिन्हा

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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने राहुल गांधी के विदेशी संगठनों से कथित संबंधों, भारत में विरोध-प्रदर्शनों में उनकी भूमिका और कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी संगठन राहुल गांधी को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य पर भरोसा जताया।

तुहिन ए. सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी विदेश में कहां जाते हैं, इसे लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने ‘प्रोग्रेसिव अलायंस’ का उल्लेख करते हुए दावा किया कि यह 101 संदिग्ध संगठनों का समूह है, जिसके संबंध कई देशों में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों और कथित अशांति से जोड़े जा रहे हैं। सिन्हा ने अप्रैल 2025 में कांग्रेस के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की गई एक तस्वीर का हवाला देते हुए सोनिया गांधी और प्रोग्रेसिव अलायंस के प्रतिनिधियों के बीच मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि गांधी परिवार का इस संगठन से क्या संबंध है।

भाजपा प्रवक्ता ने ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ नामक संगठन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना से जुड़े वीडियो इस संगठन ने दुनिया भर में प्रसारित किए और उन्हें पीड़ित के रूप में दिखाने की कोशिश की। राहुल गांधी नियम-कानूनों का उल्लंघन करने के बावजूद ऐसे संगठनों के लिए नायक बन गए। सिन्हा ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्हें अपने दम पर चुनाव लड़ने और जीतने का भरोसा नहीं है, जिसके कारण उन्हें कथित तौर पर संदिग्ध विदेशी संगठनों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भारत में प्रभावी गठबंधन बनाने में सफल नहीं हो रही, लेकिन वैश्विक स्तर पर गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी अहिंसक राजनीतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब हिंसा को बढ़ावा देने का काम कर रही है। सिन्हा ने कांग्रेस से आत्ममंथन करने की अपील भी की।

गृह मंत्री अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई बड़े लक्ष्य निर्धारित समय में पूरे किए हैं। उन्होंने आर्टिकल 370 के निरस्तीकरण, नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने का उल्लेख किया। सिन्हा ने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में ड्रग तस्करी समाप्त करने और भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले युवा पीड़ित हैं, जबकि इस समस्या में मुख्य दोषी ड्रग तस्कर हैं। तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को बचाने में मदद मिलेगी।

कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए सिन्हा ने गुजरात में पार्टी के लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में एक पूरी पीढ़ी ने कांग्रेस की सरकार नहीं देखी है। उन्होंने राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शनों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में सबूत जुटाने के बजाय राहुल गांधी जल्द ही आगे बढ़ जाते हैं। इस तरह की कार्यशैली और कथित लापरवाही के साथ कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी करना मुश्किल है।