Thursday, August 20, 2026
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पुणे में खाद्य विभाग की कार्रवाई: 3 होटल-रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित, 19.90 लाख का संदिग्ध खाद्य सामान जब्त

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पुणे, 20 अगस्‍त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में ‘सेफ फूड, सेफ ड्रग, सेफ महाराष्‍ट्र’ अभियान के तहत अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पुणे विभाग में होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 17 से 20 अगस्त के बीच हुई विशेष जांच मुहिम में गंदगी, खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और बिना अनुमति खाद्य पदार्थों के भंडारण के मामले सामने आए।

इसके बाद 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन तत्काल निलंबित किए गए हैं। यह कार्रवाई अन्न सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर की गई।

तीन होटल-रेस्टोरेंट मारुंजी स्थित बाबा किचन, हिंजवडी स्थित एम्ब्रोसियोस, श्रीनाथ फूड कॉर्नर, और बावधन स्थित केएफसी स्टोरेज पर कार्रवाई की गई।

मुलशी तालुका के मारुंजी स्थित मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया लिमिटेड की कैंटीन बाबाज किचन में खाद्य सुरक्षा नियमों के परिशिष्ट-4 का बड़े पैमाने पर उल्लंघन मिला। जांच में खाद्य पदार्थों में खाद्य रंग के इस्तेमाल के साथ बड़ी संख्या में कॉकरोच और अन्य कीड़े पाए गए। अस्वच्छता को देखते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित किया गया।

वहीं, हिंजवडी स्थित इस प्रतिष्ठान में भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया गया। जांच के दौरान मियाद खत्म हो चुके खाद्य पदार्थों का स्टॉक, गंदगी और बड़ी संख्या में कॉकरोच तथा अन्य कीड़े पाए गए। इसके चलते प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की गई और लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निलंबित किया गया।

बावधन स्थित केएफसी स्टोरेज मामले में चांदणी चौक, बावधन स्थित धर्मेशी माइलस्टोन की पांचवीं मंजिल पर सैफायर फूड्स के केएफसी स्टोरेज की जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इस जगह का मूल एफएसएसएआई लाइसेंस में कोई उल्लेख नहीं था। इसके बावजूद यहां खाद्य पदार्थों का भंडारण किया जा रहा था।

जांच में कोल्ड स्टोरेज का एसी खराब मिला। पानी के रिसाव के कारण खाद्य पदार्थों के बॉक्स पर मोटी बर्फ जमा हो गई थी। कई खाद्य बॉक्स रैक पर रखने के बजाय सीधे जमीन पर और दीवार से सटाकर रखे गए थे। स्टोरेज रूम के बाहर पैकेजिंग बॉक्स और कचरा भी बिखरा मिला।

इसके अलावा इस स्वतंत्र स्टोरेज यूनिट की आंतरिक या बाहरी जांच और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से संबंधित कोई आधिकारिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला। बिना लाइसेंस भंडारण किए जाने के कारण व्यवसाय बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुणे विभाग के अलग-अलग जिलों में मिलावट के संदेह और लेबल संबंधी खामियों को लेकर 5 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। इन कार्रवाइयों में कुल 19,90,740 रुपए के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं।

सोलापुर में 16 अगस्त को बार्शी में कार्रवाई के दौरान 3,400 किलो रबड़ी इंडियन स्वीट और गुलाब जामुन प्रीमिक्स जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 5,23,200 रुपए बताई गई है। खाद्य पदार्थों में मिलावट के संदेह और लेबल संबंधी खामियां पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

कोल्हापुर में 16 अगस्त को पन्हाला के वडीरत्नागिरी स्थित चांगभाला पेड़ा सेंटर से 62 किलो पेड़ा, जिसकी कीमत 16,700 रुपए है, जब्त किया गया। इसमें भी मिलावट के संदेह और लेबल संबंधी खामियां मिलीं।

17 अगस्त को पन्हाला के ही संपत मिठाई भंडार से 156 किलो स्वीट हलवा, जिसकी कीमत 1,40,400 रुपए है, जब्त किया गया। यह स्टॉक मियाद खत्म हो चुका पाया गया, जिसके बाद इसे नष्ट कर दिया गया।

पुणे में 18 अगस्त को खेड़ तालुका के महालुंगे स्थित इंडो एलाइड प्रोटीन फूड्स प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई की गई। यह प्रतिष्ठान आंगनवाड़ियों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराता है। यहां से 5,098 किलो खिचड़ी मसाला, जिसकी कीमत 5,09,800, और 5,598 किलो टोस्टेड सोया ग्रिट्स, जिसकी कीमत 4,47,840 रुपए है, जब्त किया गया। दोनों की कुल कीमत 9,57,640 रुपए है। मिलावट के संदेह और लेबल संबंधी खामियों के चलते कार्रवाई की गई।

सांगली में 18 अगस्त को सांगली मार्केट यार्ड स्थित मितेश सेल्स कॉर्पोरेशन पर कार्रवाई की गई। यहां से 322 किलो गुड़ पाउडर, जिसकी कीमत 77,280 रुपए और 3,528 किलो गुड़ पाउडर, जिसकी कीमत 3,52,800 रुपए है, जब्त किया गया। कुल जब्त माल की कीमत 4,30,080 रुपए है।

इन सभी मामलों में खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एफडीए ने पुणे विभाग में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के खिलाफ भी कार्रवाई की। अलग-अलग स्थानों पर 9 प्रतिष्ठानों की जांच कर प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू का करीब 18,36,392 रुपए का स्टॉक जब्त किया गया।

इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कार्रवाई के दौरान 6 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि करीब 7,15,000 रुपए कीमत के 2 वाहन भी जब्त किए गए हैं। संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एफडीए ने साफ किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों के मुताबिक बिना लाइसेंस या नियमों के खिलाफ खाद्य कारोबार करने, घटिया या मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने, बेचने या स्टोर करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।