चंडीगढ़, 15 जून (आईएएनएस)। चंडीगढ़ पुलिस ने कई शिक्षण संस्थानों और पंजाब सिविल सचिवालय से जुड़े बम से उड़ाने की झूठी धमकी के मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
थाने की चौकी 17 और चौकी 03 द्वारा की गई जांच के परिणामस्वरूप सौरभ बिस्वास (30) को गिरफ्तार किया गया। 28 जनवरी, 2026 को टेंडर हार्ट स्कूल, जीएमएसएसएस सेक्टर-16, जीएमएसएसएस सेक्टर-35 और जीएमएसएसएस सेक्टर-19 को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके बाद, थाने की चौकी सेक्टर-17 में बीएनएस की धारा 113(3), 62, 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(एफ) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
इसके अलावा, 29 जनवरी को पंजाब सिविल सचिवालय को एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। परिणामस्वरूप, पुलिस स्टेशन-3, चंडीगढ़ में बीएनएस की धारा 351(4) और आईटी अधिनियम की धारा 66(एफ) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
दोनों मामलों में ईमेल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर की गई जांच से आरोपी सौरभ बिस्वास तक पहुंचा, जो पश्चिम बंगाल का निवासी है और पहले बांग्लादेश से सीमा पार कर चुका था।
आरोपी को पहले अहमदाबाद के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने इसी तरह की एक फर्जी धमकी के मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी के लिए पेशी वारंट प्राप्त किया और उसे 2 जून को गिरफ्तार कर लिया। मामलों की आगे की जांच के लिए पुलिस स्टेशन-3 और पुलिस स्टेशन-17 ने पुलिस रिमांड प्राप्त की।
जांच से पता चला है कि आरोपी सौरभ एक तकनीकी रूप से कुशल फ्रीलांसर है जो ऑनलाइन वेब डिजाइन और एनिमेशन सेवाएं प्रदान करता था। वह विभिन्न फेसबुक पेजों के माध्यम से जीमेल खातों की खरीद-बिक्री में शामिल था। उसने ऑनलाइन लगभग 300 जीमेल खाते प्राप्त किए थे, जिनमें से 219 बांग्लादेश स्थित एक व्यक्ति को बेचे गए थे। मामले की आगे की जांच जारी है ताकि अन्य कड़ियों का पता लगाया जा सके।
चंडीगढ़ में दर्ज मामलों के अलावा, वह कई अन्य घटनाओं में भी शामिल रहा है, जिनके खिलाफ दिल्ली के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, दिल्ली के स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन और द्वारका के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई हैं।

