रायबरेली में राज्यपाल का ‘चिंतन मंत्र’, टीमवर्क और कार्यसंस्कृति सुधार पर दिया जोर

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लखनऊ, 10 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना में आयोजित चिंतन शिविर में अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यसंस्कृति, टीमवर्क और समन्वय का मंत्र दिया।

इस दौरान उन्होंने आधुनिक रेल कोच फैक्ट्री परिसर में स्थापित नई व्हील मशीनों का लोकार्पण किया और फैक्ट्री की उत्पादन एवं तकनीकी इकाइयों का अवलोकन भी किया। जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित चिंतन शिविर में कार्य दक्षता, कार्य प्रणाली, आपसी समन्वय, टीमवर्क तथा कार्यों में आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विभिन्न सत्रों में आयोजित इस शिविर को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अनुभवों का उपयोग समाज कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने गुजरात में आयोजित चिंतन शिविरों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन व्यवहारिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसका सकारात्मक प्रभाव कार्य संस्कृति एवं कार्य निष्पादन में स्पष्ट दिखाई देता है।

राज्यपाल ने अन्न की बर्बादी रोकने पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी लोगों को उतना ही भोजन ग्रहण करना चाहिए, जितनी आवश्यकता हो। उन्होंने बच्चों में भी इस संबंध में संस्कार विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने समाज में समानता और समरसता की भावना को मजबूत करने के लिए सभी को समान दृष्टि से देखने की बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई क्षमता और कौशल अवश्य होता है। छोटी-छोटी त्रुटियों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए तथा यदि कोई गलती हो जाए तो उसे स्वीकार कर दोबारा न होने देने का प्रयास करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य सहयोग, समन्वय और आपसी विश्वास की भावना को मजबूत करना है। राज्यपाल ने जन भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्य दक्षता बढ़ाने, टीमवर्क को मजबूत करने और बेहतर संवाद स्थापित करने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए।

कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने चिंतन शिविर की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वहीं विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई सहित जन भवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। चिंतन शिविर के पश्चात अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न तकनीकी एवं उत्पादन इकाइयों का अवलोकन किया। प्रतिभागियों ने फैक्ट्री की आधुनिक कार्यप्रणाली, अत्याधुनिक मशीनों और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त की।

–आईएएनएस

विकेटी/एएस