SGSU Advertisement
Home राजनीति रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

0
4

नई दिल्ली, 24 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रायबरेली से पीडीए यात्रा की शुरुआत कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री की इस यात्रा को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सत्तापक्ष के नेताओं ने जहां यात्रा को लेकर सवाल उठाए और इसे जनता को भ्रमित करने की कोशिश बताया, वहीं कांग्रेस के नेताओं ने अखिलेश यादव को शुभकामनाएं दीं।

उत्तर प्रदेश के मंत्री संदीप सिंह ने पीडीए यात्रा पर कहा कि अखिलेश यादव को रायबरेली तक के रास्ते में सड़कों की स्थिति भी देखनी चाहिए। अखिलेश यादव अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश की सड़कों को बेहतर बताते रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं था। वर्तमान की सरकार में सड़कों को गड्ढामुक्त करने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाया गया।

उन्होंने पीडीए यात्रा के दौरान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाए जाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए अंबेडकर की बड़ी तस्वीर लगाकर एक विशेष वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यदि उनकी विचारधारा और सिद्धांतों का पालन नहीं किया जाता तो केवल तस्वीर लगाने से किसी वर्ग का समर्थन कैसे हासिल किया जा सकता है।

पीडीए यात्रा को लेकर मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव कांग्रेस को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के समय में भी कांग्रेस को राजनीतिक चुनौती मिली थी। अब उत्तर प्रदेश में बची हुई कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को उनके ही चुनाव क्षेत्र में चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यही लोग राजनीतिक तौर पर परेशानी पैदा करते हैं।

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं और कांग्रेस भी पीछे नहीं है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में चल रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी की कई यात्राएं जल्द शुरू होने वाली हैं, जबकि कुछ यात्राएं पहले ही निकाली जा चुकी हैं।

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। वे कहीं से भी यात्रा शुरू कर सकते हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का एजेंडा कई मुद्दों पर लगभग एक जैसा है। अखिलेश यादव के लिए भी सामाजिक न्याय प्राथमिकता है और राहुल गांधी सामाजिक न्याय के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।