जयपुर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में चल रहे नगर निकाय चुनावों के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी रविवार को जयपुर पहुंचे। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से मतदान करने की अपील की।
ओवैसी ने कहा कि वह निकाय चुनावों के मद्देनजर राजस्थान आए हैं और चाहते हैं कि एआईएमआईएम के उम्मीदवार जीतकर स्थानीय निकायों में जनता की आवाज को मजबूती से उठाएं। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे उम्मीदवार जीतें, इसलिए हम यहां आए हैं। जनता से अपील है कि हमारे प्रत्याशियों को समर्थन दें, ताकि उनके वार्डों में बेहतर विकास कार्य हो सके। पार्टी को मजबूत करें, जिससे स्थानीय नेतृत्व उभरकर सामने आए।”
समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर ओवैसी ने केंद्र और भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू यूसीसी में हिंदू पर्सनल लॉ और विभिन्न परंपराओं को संरक्षण और छूट दी गई है, वहीं जनजातीय समुदायों को भी इससे बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा, “अगर भारत किसी एक समुदाय का देश नहीं है और यहां विविधता तथा बहुलतावाद हमारे संविधान की बुनियाद हैं, तो फिर एक समुदाय के विवाह, तलाक और उत्तराधिकार संबंधी कानून दूसरे समुदाय पर क्यों थोपे जा रहे हैं? इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा संविधान में निहित विविधता, बहुलतावाद, बंधुत्व और धर्म की स्वतंत्रता के सिद्धांतों को वास्तविक रूप में स्वीकार नहीं करती।”
ओवैसी ने आरोप लगाया कि यूसीसी के माध्यम से मुस्लिम समुदाय की विवाह, तलाक और संपत्ति वितरण से जुड़ी परंपराओं को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा कि संबंधित मस्जिद पहले से मौजूद थी और बाद में वहां कलेक्ट्रेट कार्यालय बना। उनके अनुसार, जिस मुस्लिम परिवार ने मस्जिद के लिए जमीन दी थी, उसी परिवार ने मंदिर के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई थी।
उन्होंने दावा किया कि संबंधित मस्जिद एक पंजीकृत वक्फ संपत्ति है और उसे कानूनी संरक्षण प्राप्त है। साथ ही उन्होंने वक्फ से संबंधित नए कानून की आलोचना करते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न राज्यों में मस्जिदों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और प्रभावित पक्षों को न्यायिक राहत प्राप्त करने का पर्याप्त अवसर भी नहीं मिल रहा। ओवैसी ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
राजस्थान में निकाय चुनाव के बीच ओवैसी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एआईएमआईएम राज्य के कुछ क्षेत्रों में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
