नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के वाइस-प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन को सोमवार को उपराष्ट्रपति भवन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों ने नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) और सैनिक स्कूलों के बारे में जानकारी दी।
प्रेजेंटेशन में एनसीसी के लगभग 20 लाख लोगों वाले युवा संगठन के तौर पर विकास, इसकी ट्रेनिंग और देश बनाने की कोशिशों के साथ-साथ सैनिक स्कूलों के काम करने के तरीके और उन्हें बढ़ाने के बारे में बताया गया, जिसमें पूरे देश में नेटवर्क को मजबूत करने का रोडमैप भी शामिल था।
देश बनाने में एनसीसी के योगदान की तारीफ करते हुए वाइस-प्रेसिडेंट ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को नेशनल इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए एक बहुत अच्छी पहल बताया। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान और स्वच्छ भारत अभियान समेत एनसीसी की कम्युनिटी सर्विस की पहलों की भी तारीफ की और एनसीसी एलुमनाई एसोसिएशन की स्थापना का स्वागत किया। इस बात पर जोर देते हुए कि एनसीसी को मजबूत करना एक साझा राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
सीपी राधाकृष्णन ने ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, जमीन और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर राज्य सरकारों के साथ बेहतर तालमेल की मांग की, और राज्यों के साथ जुड़ने में हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया।
वाइस-प्रेसिडेंट को सैनिक स्कूलों के काम करने के तरीके और उन्हें बढ़ाने के बारे में भी बताया गया, जिसमें मौजूदा और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल शामिल हैं। स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के बीच बढ़ती मांग को पूरा करने का सुझाव देते हुए सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि हर राज्य तीन से पांच सैनिक स्कूल खोलने का लक्ष्य रख सकता है। उन्होंने मौजूदा सैनिक स्कूलों की एडमिशन कैपेसिटी बढ़ाने की संभावना तलाशने का भी प्रस्ताव रखा।

