Monday, June 29, 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: आरोपी लवकुश का नया घर जांच के दायरे में, पड़ोसी बोले-दोषी हों तो सजा मिलनी चाहिए

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अयोध्या, 29 जून (आईएएनएस)। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस बीच जांच एजेंसियों के रडार पर आरोपी लव कुश मिश्रा का हाल ही में बना दोमंजिला मकान भी आ गया है। अधिकारी अब इस संपत्ति के निर्माण, उससे जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मकान के निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था और उसका कथित मामले से कोई संबंध है या नहीं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अयोध्या के शहादतगंज क्षेत्र में स्थित यह मकान काफी तेजी से तैयार हुआ। उनका कहना है कि लगभग तीन से चार महीने के भीतर ही मकान का निर्माण लगभग पूरा हो गया। इसी वजह से अब जांच एजेंसियां इस निर्माण कार्य और उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।

आरोपी लवकुश मिश्रा के पड़ोसी राजकुमार पांडेय ने आईएएनएस को बताया कि जबसे राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला सामने आया है, तब से इलाके में इसे लेकर काफी चर्चा है। उन्होंने बताया कि लवकुश मिश्रा का मकान उनके पड़ोस में है और मकान बनने के दौरान ही उनकी सामान्य पहचान हुई थी।

राजकुमार पांडेय ने कहा कि पड़ोसी होने के नाते कभी-कभार मुलाकात हो जाती थी, लेकिन उनसे व्यक्तिगत तौर पर ज्यादा संपर्क नहीं है। उन्होंने कहा, “बगल में मकान बन रहा था, इसलिए पहचान हो गई। दो-चार बार ही मुलाकात हुई होगी। शाम के समय कभी-कभी अभिवादन हो जाता था, बस इतना ही संबंध था।”

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को देखकर उसके स्वभाव या गतिविधियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने कहा, “देखने से थोड़ी पता चलता है कि कौन कैसा है। हमारे लिए वह सिर्फ पड़ोसी थे।”

लव कुश मिश्रा पर लगे आरोपों पर राजकुमार पांडेय ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण के लिए लोगों ने वर्षों तक इंतजार किया। ऐसे में यदि मंदिर से जुड़े दान में किसी प्रकार की हेराफेरी हुई है तो यह बेहद दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।