लखनऊ, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के विरोध, राम मंदिर चंदा चोरी विवाद, बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने और कांग्रेस की राजनीति को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह और मंत्री आशीष पटेल ने अपनी बात रखी। दोनों नेताओं ने विपक्ष पर जुबानी हमला किया और एनडीए सरकार का बचाव किया।
विधानसभा सत्र को लेकर मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि आज का दिन सदन के नियमित कार्य के लिए नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सदन के वरिष्ठतम सदस्य को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए निर्धारित था। विपक्ष ने इस अवसर की गंभीरता को समझने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेताओं ने अपने वरिष्ठ नेता को श्रद्धांजलि देने के बजाय केवल नाटक किया।
राम मंदिर के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की भगवान श्रीराम में आस्था होती, वे अयोध्या जाकर दर्शन करते। विपक्ष ने न तो राम मंदिर निर्माण में कोई सहयोग किया और न ही चंदा दिया, लेकिन अब स्वयं को बड़ा रामभक्त बताने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष को पहले भगवान श्रीराम के मंदिर जाकर अपनी पुरानी गलतियों के लिए प्रायश्चित करना चाहिए और क्षमा मांगनी चाहिए। इसके बाद ही उन्हें राम मंदिर से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार मिलेगा।
सनातन धर्म को लेकर दयाशंकर सिंह ने कहा कि हिंदू समाज और सनातन परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता उसकी सहिष्णुता है। कई बार देवी-देवताओं का मजाक उड़ाया जाता है और हिंदू समाज इसे सहन करता रहता है, जबकि यदि अन्य धर्मों के प्रतीकों के साथ ऐसा हो तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो जाता है। सनातन धर्म की इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठाते हैं।
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के सवाल पर दयाशंकर सिंह ने न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने अपने निर्णय के माध्यम से सच को जनता के सामने रखा है और इसके लिए वह न्यायपालिका को बधाई देते हैं।
वहीं, लेखिका तस्लीमा नसरीन द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर दयाशंकर सिंह ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। नसरीन एक लेखिका हैं और समय-समय पर विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त करती रहती हैं।
दूसरी तरफ, मंत्री आशीष पटेल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास अब जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन लगातार खिसक रही है और पार्टी के अपने लोग भी उससे दूरी बना रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।
आशीष पटेल ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने जितने विकास कार्य किए हैं, उतने कार्य वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार के दौरान नहीं हुए। जनता विकास और सुशासन के आधार पर सरकार का मूल्यांकन कर रही है और एनडीए सरकार अपने कार्यों के दम पर जनता का विश्वास जीतने में सफल रही है।

