गोरखपुर, 1 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर के बिछिया में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने 495.24 करोड़ रुपए की लागत से बनी ‘गोड़धोइया नाला परियोजना’ के पहले चरण का उद्घाटन किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई अन्य विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें 92.72 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली गोड़धोइया नाला परियोजना के दूसरे चरण, नाले के किनारे 65.99 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क और 721.40 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली ‘गोरखपुर सीवरेज योजना जोन ए3’ शामिल हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज गोरखपुर के 17 वार्डों में जल निकासी की समस्या के समाधान के साथ-साथ, यहां कई परियोजनाओं की आधारशिला रखने का कार्यक्रम भी पूरा किया जा रहा है।”
उन्होंने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया, “पहले चरण में हमने इस पूरे नाले को लगभग 7 किलोमीटर 750 मीटर लंबे आरसीसी नाले में बदलने का काम पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, पूरे आरसीसी नाले का निर्माण, 17.5 किलोमीटर लंबी इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, 61 एमएलडी का मुख्य पंपिंग स्टेशन और 14 पुलों का पुनर्निर्माण भी शामिल हैं। आज 500 करोड़ रुपए की लागत से इन सभी का उद्घाटन किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाले के दोनों तरफ सीवर लाइनें बिछा दी गई हैं, ताकि अब इसमें कोई कचरा न जाए। उन्होंने कहा, “यहां से निकलने वाला पानी भी ट्रीट होने के बाद ही रामगढ़ ताल में जाएगा, जिससे रामगढ़ ताल की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। आज पहले चरण का काम पूरा हो गया है। यह सिर्फ एक काम का पूरा होना नहीं है, बल्कि इसके साथ ही हमने गोरखपुर से मच्छरों और माफिया को खत्म करने की पहली परियोजना भी पूरी कर ली है।”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोड़धोइया नाला कभी गोरखपुर की सबसे बड़ी समस्या था। यह बरसात में जलभराव, गंदगी और बीमारियों का कारण बनता था, लेकिन अब इसे एक आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम में बदल दिया गया है। इससे 17 वार्डों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। रामगढ़ ताल को स्वच्छ रखने की दिशा में भी यह बड़ा कदम है।

