नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और कई केंद्रीय मंत्रियों ने उनको याद किया। नेताओं ने कहा कि राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत दिनकर की रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।”
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में कहा, “अपनी कालजयी रचनाओं से राष्ट्र की चेतना को नई दिशा देने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर उन्हें नमन। दिनकर जी की लेखनी में एक ओर स्वाधीनता की हुंकार थी, तो दूसरी ओर मानवीय करुणा की गहराई भी थी। ‘रश्मिरथी’ और ‘कुरुक्षेत्र’ जैसी कालजयी कृतियों के माध्यम से उन्होंने पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक प्रश्नों से जोड़कर हर पीढ़ी को सोचने की नई दृष्टि दी। उनकी रचनाएं सदैव स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देती रहेंगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रकवि के रूप में समादृत रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचनाओं में राष्ट्रवाद, सामाजिक चेतना, परिवर्तन की आकांक्षा और मानवीय मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति मिलती है। उनकी ओजस्वी लेखनी ने देशवासियों में आत्मविश्वास, आत्मगौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को निरंतर सुदृढ़ किया है। उनकी अमर कृतियां और विचार हमारी राष्ट्रीय चेतना को सदैव दिशा देते रहेंगे।”
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट किया, “राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल विरोधी आंदोलन तक दिनकर की ओजस्वी रचनाओं ने राष्ट्रीय चेतना को स्वर दिया। ‘रश्मिरथी’ जैसी कालजयी कृति के माध्यम से उन्होंने हमारे सांस्कृतिक स्वाभिमान और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली अभिव्यक्ति दी। राष्ट्रप्रेम और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, “जिसके जीवन में संघर्ष नहीं है, तनाव नहीं है, कर्मठता और उत्साह नहीं है, उसका व्यक्तित्व भी नहीं है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनकी साहित्यिक कृतियों ने न केवल जनमानस में राष्ट्रचेतना का संचार किया बल्कि भारतीय सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को भी गहराई से प्रभावित किया। उनका साहित्य आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी है।”
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर पोस्ट किया, “महान साहित्यकार, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी ओजस्वी लेखनी से राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना का भाव जगाने वाले दिनकर का साहित्य आज भी हर पीढ़ी को प्रेरणा देता है। उनकी कालजयी रचनाएं सदैव हमारी राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा प्रदान करती रहेंगी।”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्स पर लिखा, “वीर रस के प्रखर कवि, राष्ट्रचेतना के अमर स्वर और महान साहित्यकार राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर शत-शत नमन। ‘ज्योतिर्धर कवि मैं ज्वलित सौर-मण्डल का, मेरा शिखण्ड अरुणाभ, किरीट अनल का।’ अपनी ओजस्वी लेखनी से दिनकर ने भारतीय जनमानस में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और वीरता की चेतना को स्वर दिया। ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘हुंकार’ जैसी कालजयी रचनाएं उनकी साहित्यिक प्रतिभा और राष्ट्र के प्रति उनके गहरे समर्पण की अमर पहचान हैं। दिनकर की लेखनी का तेज और उनके विचारों की शक्ति सदैव हमें प्रेरित करती रहेगी।”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “अपनी ओजस्वी रचनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने वाले महान साहित्यकार व राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं!”
