SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर भड़के राज्यसभा...

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर भड़के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, विपक्ष से पूछे सवाल

0
1

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीट रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात को जिस तरह प्रस्तुत किया, उससे सच से अधिक राजनीति की झलक दिखाई देती है।

भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी सर्वोच्च न्यायालय के बारे में गलत बयान देने के मामले में माफी मांग चुके हैं और अब वह राष्ट्रपति के नाम पर भी भ्रामक दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतिनिधित्व करती हैं।

डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस से उपचुनावों और मतदाता सूची को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को मतदाता सूचियों पर आपत्ति थी तो उसके बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने जांच के दौरान कोई शिकायत या आपत्ति क्यों दर्ज नहीं कराई। उन्होंने सवाल किया कि मतदान और मतगणना के दौरान कांग्रेस के एजेंट मौजूद थे या नहीं और यदि कोई गड़बड़ी थी तो उस समय आपत्ति क्यों नहीं उठाई गई।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस 45 दिनों की समयसीमा को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है। ऐसे में उसे स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह निर्धारित अवधि के भीतर सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकॉर्ड की मांग करेगी या बाद में समयसीमा खत्म होने का हवाला देगी।

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर परस्पर विरोधी आरोप लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले ईवीएम पर सवाल उठाती थी और अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर आरोप लगा रही है। उनके अनुसार, दोनों दावे एक साथ सही नहीं हो सकते।

उन्होंने कहा, “यदि ईवीएम में गड़बड़ी थी तो फिर एसआईआर का मुद्दा क्या था और यदि एसआईआर में गड़बड़ी है तो फिर ईवीएम पर पहले लगाए गए आरोपों का क्या आधार था।”

डॉ. त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर भ्रम का माहौल बनाना है। उन्होंने कहा कि असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान हुआ था, लेकिन वहां भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राष्ट्रपति के नाम पर किए गए दावों का उनके पास क्या प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना और चुनावी हार के बाद नए-नए आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति बन चुकी है।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस से पांच प्रमुख सवाल पूछे, जिनमें उपचुनाव के दौरान मतदाता सूची की जांच, मतदान और मतगणना की निगरानी, 45 दिनों के भीतर सीसीटीवी फुटेज की मांग, राष्ट्रपति के नाम पर किए गए दावों के सबूत तथा ईवीएम और एसआईआर को लेकर लगाए गए आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है।

पहला सवाल – उपचुनावों में आपने मतदाता सूचियों की जांच की थी या नहीं? क्या आपने कोई आपत्ति दर्ज कराई थी?

दूसरा सवाल – चुनाव और मतगणना के दौरान सब कुछ सीसीटीवी में दर्ज हो रहा था। क्या आपने किसी बात पर आपत्ति जताई थी या नहीं?

तीसरा सवाल – क्या आप 45 दिनों के भीतर कोई फुटेज या अन्य जानकारी मांगेंगे या नहीं?

चौथा सवाल – आपने राष्ट्रपति का नाम लेकर जो बात कही है, उसका आपके पास क्या साक्ष्य है? किसी बात का इस प्रकार राजनीतिक इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है।

पांचवां सवाल – ईवीएम को लेकर लगाया गया आपका आरोप सही था या एसआईआर को लेकर लगाया गया आरोप सही है? कोई भी व्यक्ति सामान्य बुद्धि से समझ सकता है कि दोनों आरोप एक साथ सही नहीं हो सकते। अर्थात, दोनों ही आरोप झूठे हैं।