काठमांडू, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गुरुवार को जानकारी कि रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “बुधवार को रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने आज सुबह से ही तटीय और प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं। नेपाली सेना ने बुधवार रात ही प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद नागरिकों की मदद के लिए खाने-पीने की जरूरी चीजें, टेंट और दवाइयां जैसी राहत सामग्री पहुंचा दी थी।”
पोस्ट में कहा गया, “सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर भी बचाव और खोज अभियानों में काफी मदद और सहयोग कर रहा है। बुधवार को जैसे ही बाढ़ आई, नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीमों के साथ-साथ सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों को लगाकर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। सेना की टीम ने पूरी रात लगातार बचाव अभियान चलाया।”
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि गुरुवार सुबह से ही तिमुरे, स्याफ्रुबेसी और नदी के किनारे वाले इलाकों में नेपाली सेना और प्राइवेट सेक्टर के हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ पैदल टीमों को और अधिक सक्रिय करके फंसे हुए लोगों को बचाने और लापता लोगों की खोज का काम तेज कर दिया गया है। सरकार ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने को कहा है और अपना पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित किया है।
नेपाल में मची इस तबाही में अब तक 162 लोगों की मौत हो चुकी है। नेपाल पुलिस के अनुसार, रसुवा में 2, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 64, गोरखा में 20, तनहुं में 9, एनपी पूर्व में 26 और एनपी पश्चिम में 2 लोगों के शव मिले हैं।
अभी सैकड़ों पर्यटक, मजदूर और अन्य लोग लापता हैं। रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे अधिक तबाही हुई। बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ इलाकों में आवाजाही ठप हो गई। बताया गया कि यह पानी तिब्बत की तरफ से आया था।
