Thursday, June 4, 2026
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समय पर दमकल की गाड़ियां पहुंचतीं तो नहीं जातीं इतनी जानें: अरमान मंसूरी

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नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में एक बेड-एंड-ब्रेकफास्ट होटल वाली इमारत में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान स्थानीय दुकानदार अरमान मंसूरी और उनके पिता रियाजुद्दीन मंसूरी ने त्वरित प्रतिक्रिया दिखाते हुए अपनी दुकान से गद्दे निकालकर बिछाए, जिससे कई लोगों की जान बच सकी।

स्थानीय निवासी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया, “लगभग 8:30 बजे इलाके में जलने की गंध आने लगी थी। चिंगारियां निकलने लगीं। पहली चिंगारी करीब 8 बजे दिखी, लेकिन दमकल की गाड़ी 9:40 बजे पहुंची। अगर दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं तो नुकसान कम हो सकता था।”

दुकान मालिक अरमान मंसूरी ने कहा, “मुझे करीब 8:30 बजे फोन आया कि पड़ोस के होटल में आग लग गई है। लोग चीख रहे थे और दूसरी-तीसरी मंजिल से कूदने की कोशिश कर रहे थे। मैंने अपनी दुकान से 20-22 गद्दे निकालकर बाहर बिछा दिए। कई लोग उन पर कूदकर बच गए।”

मालवीय नगर निवासी विवेक अग्रवाल अपने पूरे परिवार के साथ इस आग की चपेट में आ गए। उनके पड़ोसी योगेंद्र यादव ने भावुक होकर बताया, “विवेक बहुत नेक इंसान था। उनका पूरा परिवार बेहद अच्छा था। उनकी पत्नी एनजीओ चलाती है। तीन दिन पहले ही उनसे बात हुई थी। उनके दो बेटियां और एक बेटा है, जो स्कूल जाते हैं। यह विश्वास नहीं हो रहा कि एक हादसे ने पूरे परिवार को छीन लिया।”

वहीं, पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने कहा, “मैं प्रभावित परिवारों से मिलने आई हूं। गर्मी बहुत ज्यादा है, जो इस तरह की घटनाओं का कारण बन रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि दिल्ली सरकार जो भी जरूरी होगा, वह करेगी और उचित कार्रवाई भी की जाएगी।”

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील की। उन्होंने कहा, “हाल के दिनों में दिल्ली में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं। मैं मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि वे सक्रिय भूमिका निभाएं, सभी जरूरी सावधानियां बरती जाएं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाए।”

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “मैं अभी पंजाब से लौटा हूं और यह खबर सुनकर गहरा सदमा लगा। यह सिर्फ एक जान जाने का मामला नहीं, कई जानें गई हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस मामले को गंभीरता से लेंगी। जो दोषी होगा, उसे सजा मिलेगी। भाजपा की पक्की प्रतिबद्धता है कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। चाहे पीड़ित हमारे देशवासी हों या विदेशी, हर इंसान की जान अनमोल है।”

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने प्रशासन की चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया, “पूरा प्रशासन इस दुखद घटना से बेहद व्यथित है। हम सुनिश्चित करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इस मामले में 2024 में छह कमरे वाले बेड-एंड-ब्रेकफास्ट को अनुमति दी गई थी। अब हम गहन जांच करेंगे और जिन इमारतों के पास जरूरी एनओसी और अनुमतियां नहीं हैं, उन्हें सील कर दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की अनुमतियां रद्द कर दी जाएंगी।”