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सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका पर सुनवाई, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस को 2 नवंबर तक दिया समय

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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 2 नवंबर तक का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी 2 नवंबर को निर्धारित की गई है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि शिकायत पर जांच जारी है और मामले से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां अभी प्राप्त नहीं हुई हैं। पुलिस के अनुसार, बैंक से जुड़ी आवश्यक डिटेल्स अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी हैं, जिसके कारण जांच प्रक्रिया जारी है।

वहीं, शिकायतकर्ता डॉ. रोहिणी घावरी की ओर से पेश वकील ने पुलिस की जांच पर नाराजगी जताई। उन्होंने अदालत में कहा कि शिकायत जुलाई 2025 में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक पुलिस केवल प्रारंभिक जानकारियां जुटाने में लगी हुई है। उनका तर्क था कि यह ऐसा मामला है जिसमें विलंब किए बिना तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी।

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि आरोपी एक मौजूदा सांसद हैं और जांच में लगातार देरी होने से निष्पक्ष कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया गया है, जो गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में विस्तृत प्रारंभिक जांच के बजाय तत्काल एफआईआर दर्ज किए जाने की जरूरत होती है।

दलित अधिकार कार्यकर्ता और पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने सांसद चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण करने तथा धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। अपनी शिकायत में डॉ. घावरी ने दावा किया है कि स्विट्जरलैंड में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2021 के आसपास उनकी चंद्रशेखर आजाद से पहचान हुई थी।

आरोप है कि दोनों करीब तीन वर्षों तक रिश्ते में रहे, लेकिन सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने उनसे दूरी बना ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें विवाह का आश्वासन दिया गया था, जिसके आधार पर संबंध बनाए गए। इसी आधार पर उन्होंने सांसद के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और एफआईआर की मांग की है।

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान भी अदालत ने दिल्ली पुलिस से मामले में स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। अब अदालत ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने और आवश्यक जानकारी जुटाने के लिए अतिरिक्त समय देते हुए अगली सुनवाई 2 नवंबर तक तय की है। मामले में दिल्ली पुलिस की जांच जारी है और अदालत की अगली सुनवाई पर सभी पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।