Friday, July 24, 2026
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सपा सांसदों की सरकार से मांग- एनटीए को तुरंत परीक्षा प्रक्रिया से बाहर करे सरकार, इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान

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नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्र आंदोलन, नीट परीक्षा विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर सपा के सांसदों ने अन्याय करने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को परीक्षा प्रक्रिया से हटाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

सपा सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे को खत्म करना चाहती है, जबकि वास्तविकता यह है कि देशभर से परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों के हित में काम करना चाहती है तो सबसे पहले एनटीए को परीक्षा प्रक्रिया से हटाना चाहिए। इतने बड़े आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए था।

डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन कार्य करती है, इसलिए छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है।

उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मुंबई, पटना, बिहार समेत कई अन्य शहरों में भी छात्र आंदोलन जारी हैं। गृह मंत्री की जिम्मेदारी है लेकिन वह भी शांत है, कुछ नहीं बोल रहे हैं।

वहीं, सपा सांसद राम गोपाल यादव ने संसद की कार्यवाही को लेकर कहा कि प्रतिदिन सदन स्थगित हो रहा है क्योंकि विपक्ष की बात सुनने के लिए सरकार तैयार नहीं है। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक सदन का सुचारू संचालन संभव नहीं होगा।

सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए राम गोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और डॉ. राम मनोहर लोहिया कभी भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के पक्षधर नहीं रहे। डॉ. लोहिया सांकेतिक भूख हड़ताल का समर्थन करते थे, लेकिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को उचित नहीं मानते थे। पार्टी की विचारधारा हमेशा संघर्ष के लोकतांत्रिक और व्यावहारिक तरीकों पर आधारित रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीट पेपर लीक मामले पर दिए गए वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए राम गोपाल यादव ने दावा किया कि सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी को क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में सरकार किस आधार पर नया कानून बनाने की बात कर रही है। वह किसी और का संदेश सुनने के बजाय अपनी बात जनता के सामने रखते हैं।

सपा सांसद इकरा हसन ने भी छात्रों की मांगों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए और पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल अदालतें बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि उनमें मामलों का निपटारा कितनी प्रभावी और तेज़ी से हो रहा है।