Monday, May 25, 2026
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सरकार योग और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से निवारक स्वास्थ्य देखभाल को दे रही बढ़ावा: प्रतापराव जाधव

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नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की चौथी बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक का मुख्य विषय ‘भारत में योग और प्राकृतिक चिकित्सा’ था, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करने, आरोग्य को बढ़ावा देने और भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों की वैश्विक पहुंच का विस्तार करने के लिए सरकार द्वारा की गई पहलकदमियों पर विस्तृत चर्चा की गई।

संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए प्रतापराव जाधव ने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा का समग्र और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में भारत का शाश्वत योगदान हैं और अब ये वैश्विक आरोग्य आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय ने देश भर में निवारक, संवर्धक और जीवनशैली-आधारित स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रभावी उपायों के रूप में इन प्रणालियों को प्राथमिकता दी है।

वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किए जाने का जिक्र करते हुए मंत्री ने इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अब 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है, जो दुनिया भर के करोड़ों लोगों को योग से जोड़ रहा है और समग्र स्वास्थ्य तथा आरोग्य के प्रति जागरूक बना रहा है।

जाधव ने कहा कि गैर-संचारी रोगों, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य विकारों के प्रबंधन के लिए योग और प्राकृतिक चिकित्सा को प्रभावी पूरक उपायों के रूप में तेजी से मान्यता मिल रही है, जिससे निवारक और एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा मिल रहा है। इस क्षेत्र के विकास पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने समिति को सूचित किया कि वर्तमान में देश भर में 70 से अधिक प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान में स्नातक (बीएनवाईएस) कॉलेज हैं और 5,000 से अधिक योग प्रशिक्षण संस्थान काम कर रहे हैं।

मंत्री ने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने छह लाख से अधिक योग स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया है, जबकि योग प्रमाणन बोर्ड के फ्रेमवर्क के तहत सात लाख से अधिक योग पेशेवरों और स्वयंसेवकों को प्रमाणित किया जा चुका है। सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा भारत की आरोग्य अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य पर्यटन और वैश्विक सांस्कृतिक प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया और बैठक के दौरान बहुमूल्य सुझाव और विचार साझा किए। उपस्थित सदस्यों में स्वामी एस. हरि साक्षी, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, श्रीमती धर्मशिला गुप्ता, परषोत्तमभाई रूपाला, नीलेश डी. लंके, रेणुका चौधरी और अष्टीकर पाटिल एन. बापुराव शामिल थे।

आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव, मोनालिसा दास ने भारत में योग और प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति, संस्थागत ढांचा, शैक्षिक अवसंरचना, अनुसंधान पहल, वैश्विक पहुंच और उभरते अवसरों पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

बैठक में आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलारमेलमंगई डी. और कविता जैन, सांसद तथा आयुष मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक का समापन सदस्यों द्वारा योग और प्राकृतिक चिकित्सा को आरोग्य और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रणालियों के रूप में और अधिक मजबूत करने के समर्थन के साथ हुआ।