मुंबई, 15 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों के बीच राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं के लगातार आ रहे बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, अब तक शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरे मन में शरद पवार के लिए गहरा सम्मान है। पवार को देश का वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, और जीवन के इस पड़ाव पर उन्हें ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो राष्ट्रहित में हो।”
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना शरद पवार के लिए उचित फैसला होगा।
एनसीपी नेता अनिल भाईदास पाटिल ने एनसीपी के दोनों गुटों के एक होने और एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन यदि भविष्य में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच किसी प्रकार का एकीकरण होता है, तो उसका अंतिम निर्णय पार्टी कार्यकर्ता नहीं बल्कि पवार परिवार करेगा।”
पाटिल ने कहा, “महाराष्ट्र के कार्यकर्ताओं में पवार परिवार के प्रति गहरा सम्मान है और परिवार द्वारा लिया गया निर्णय सभी के लिए स्वीकार्य होगा। सुनेत्रा पवार जो भी फैसला लेंगी, उसे पार्टी के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ स्वीकार करेंगे।”
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वर्ष 2024 में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए की सहायता देने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की गई थी। योजना को रिकॉर्ड समय में तैयार कर लागू किया गया, लेकिन कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार गुट सहित विपक्षी दलों ने शुरुआत से ही इसका विरोध किया। यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक संबल साबित हुई है।”

