Tuesday, May 26, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें फ्लोर के फ्लैट में लगी आग, दमकल...

शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें फ्लोर के फ्लैट में लगी आग, दमकल विभाग की तत्परता से टला बड़ा हादसा

0
2

गाजियाबाद, 26 मई (आईएएनएस)। गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र स्थित शिप्रा सृष्टि सोसायटी में मंगलवार की शाम को अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

राहत की बात यह रही कि फायर विभाग की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को पूरे फ्लैट में फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, कमिश्नरेट गाजियाबाद में मंगलवार की शाम 4.49 बजे सूचना प्राप्त हुई कि इंदिरापुरम स्थित शिप्रा सृष्टि अपार्टमेंट में आग लग गई है। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी गाजियाबाद तथा प्रभारी अग्निशमन अधिकारी वैशाली फायर टेंडर्स के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।

दमकल विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि शिप्रा सृष्टि अपार्टमेंट, जो हैबिटेट सेंटर के निकट स्थित है, उसके 15वें तल पर फ्लैट नंबर 1506 में आग लगी हुई थी। ऊंची इमारत में आग लगने के कारण सोसायटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

आग और धुएं को देखकर आसपास के निवासियों में भी दहशत फैल गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। सोसायटी में पहले से स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए दो होज पाइप लाइन बिछाई गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल विभाग की टीम ने बेहद कम समय में स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

अधिकारियों के अनुसार, आग को फ्लैट के एक कमरे तक ही सीमित रखा गया और उसे अन्य हिस्सों में फैलने नहीं दिया गया। फायर विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते पूरा फ्लैट आग की चपेट में आने से बच गया। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था।

घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, फ्लैट के एक कमरे में रखा सामान आग की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।