अयोध्या, 28 जुलाई (आईएएनएस)। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही अयोध्या में लाखों कांवड़ यात्रियों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद बताया कि पूरे आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि श्रावण मास के दौरान विशेष रूप से पहले से लेकर चौथे रविवार और सोमवार तक बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री अयोध्या पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जनपद के भीतर ट्रैफिक व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है। अयोध्या से जुड़े सभी सीमावर्ती जिलों से आने वाले कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण भी पूरा कर लिया गया है। संबंधित जनपदों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें कर ट्रैफिक डायवर्जन और कांवड़ यात्रियों की आवाजाही के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। पूरे आयोजन के दौरान 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती रहेगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। कांवड़ियों के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है।
एसएसपी ने बताया कि जिन घाटों से श्रद्धालु जल भरकर नागेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक करने जाते हैं, वहां जोन और सेक्टर के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मुख्यालय, रेंज और जोन से प्राप्त अतिरिक्त पुलिस बल की भी तैनाती की जा रही है, ताकि पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और विभिन्न जिलों के बीच समन्वय पर एसएसपी ने बताया कि पूरे श्रावण मास के चारों सोमवार, श्रावण झूला मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पिछले वर्षों के अनुभव और भीड़ के पैटर्न का विश्लेषण किया गया है। किस तिथि पर किन-किन जिलों से अधिक संख्या में कांवड़ यात्री आते हैं, इसका आकलन कर पहले से ही संबंधित जिलों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जिन मार्गों से कांवड़ यात्री अयोध्या पहुंचते हैं, वहां पर्याप्त पुलिस बल के साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही भी बिना किसी परेशानी के जारी रहे। सुरक्षा के मजबूत घेरे में पूरे आयोजन को संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है। घाटों पर 24 घंटे सिविल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित अधिकारियों की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी न रहे।
नागेश्वरनाथ मंदिर में की गई तैयारियों पर एसएसपी ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर और पूरे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया है। घाट से जल लेकर मंदिर तक जाने वाले मार्ग को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है और जगह-जगह बैरियर एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। मंदिर की होल्डिंग क्षमता और दर्शन क्षमता को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जाएगा। जब एक जत्था जलाभिषेक कर निकास द्वार से बाहर निकल जाएगा, तभी अगले जत्थे को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था पिछले वर्षों में भी प्रभावी रही है और इस बार इसे और अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराया जा सके।

