नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 49वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के हाथों 33 रन से हार का सामना करना पड़ा। पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा के अनुसार, पीबीकेएस का एसआरएच के खिलाफ चेज कप्तान श्रेयस अय्यर के जल्दी आउट होने के कारण पटरी से उतर गया। चोपड़ा ने इस विकेट को मैच का टर्निंग प्वाइंट बताया, जिसे मेहमान टीम 33 रनों से हार गई।
6 मई को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स 4 रन तक अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो चुकी थी। यहां से कप्तान श्रेयस अय्यर ने कूपर कॉनली के साथ तीसरे विकेट के लिए 12 गेंदों में 19 रन जुटा लिए थे, लेकिन चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।
अय्यर तेज गेंदबाज ईशान मालिंगा की कटर गेंद को ठीक से नहीं खेल सके और पैट कमिंस के हाथों कैच आउट हो गए। अय्यर टीम के खाते में सिर्फ 5 ही रन का योगदान दे सके। कूपर कॉनली ने एक छोर पर मोर्चा संभाले रखा। उन्होंने 59 गेंदों में 8 छक्कों और 7 चौकों के साथ 107 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन पंजाब किंग्स निर्धारित ओवरों में 202/7 से आगे नहीं बढ़ सकी।
आकाश चोपड़ा ने ‘जियोहॉटस्टार’ पर कहा, “वे (पंजाब किंग्स) पहले ही दो विकेट गंवा चुके थे। एक आंकड़ा है कि अगर आप चेज करते समय पावरप्ले में दो या उससे ज्यादा विकेट गंवा देते हैं, तो लगभग 70 प्रतिशत मैचों में आप बैकफुट पर आ जाते हैं। यह (अय्यर) तीसरा विकेट था। पिच थोड़ी धीमी थी। मुझे पता है कि कूपर कॉनली ने बहुत अच्छा खेला, लेकिन ऐसी पिचों पर, आप अपने अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों से उम्मीद करते हैं कि जब गेंद बल्ले पर आसानी से न आ रही हो, तो वे आपको मुश्किल से निकालें। ऐसे में, अगर श्रेयस जल्दी आउट हो जाते हैं, खासकर जब लक्ष्य बड़ा हो, तो मैच जीतना बहुत मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा, “दिल्ली के खिलाफ भी, ओपनर्स की शानदार शुरुआत के बावजूद, अगर श्रेयस के दो कैच न छूटे होते, तो शायद पंजाब वह मैच भी हार जाती। उनके बिना जीत मुमकिन नहीं थी। एक बार जब वह आउट हो गए, तो मैच लगभग हाथ से निकल चुका था।”
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने पहले ही ओवर में ओपनर प्रियांश आर्य को आउट करने में कमिंस की कप्तानी और गेंदबाजी के तरीके की जमकर तारीफ करते हुए कहा, “पिछली बार जब ये दोनों टीमें आमने-सामने थीं, तो प्रियांश ने पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक जड़ दिया था। मैच तो तभी लगभग खत्म हो गया था, जब उन्होंने लगभग 100 रन बना लिए थे। यही वजह थी कि 220 रनों का लक्ष्य इतनी आसानी से हासिल कर लिया गया था।”

