लखनऊ, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं को अधिक प्रभावशाली, प्रेरणादायी और संस्कारपरक बनाने की दिशा में एसआईईटी के निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र अग्रवाल के निर्देशन में तैयार 13 संगीतमय प्रार्थना गीतों के वीडियो संकलन को बुधवार को अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एसआईईटी के सभागार में रिलीज किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ये प्रेरणादायी प्रार्थनाएं सिर्फ सरकारी विद्यालयों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकारी और निजी, सभी विद्यालय इनका उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, इनका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं को अधिक आकर्षक और प्रेरणादायी बनाना तथा विद्यार्थियों में सकारात्मक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का विकास करना है। प्रार्थना सभा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रार्थना गीतों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सह-अस्तित्व, मानवीय संवेदनाओं, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव की भावना को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
वीडियो संकलन में हम होंगे कामयाब, बादल पे पांव है, तेरी है जमीन तेरा आसमान, इतनी शक्ति हमें देना दाता, हमको मन की शक्ति देना, तुम ही हो माता, इंसाफ की डगर पे, आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं, नेकी की राह, ज्योति से ज्योति जगाते चलो, तेरी पनाह में रखना और ऐ मालिक तेरे बंदे हम जैसे 13 प्रार्थना गीत शामिल हैं। प्रत्येक गीत का अलग वीडियो तैयार किया गया है, जिसकी अवधि लगभग दो से चार मिनट है। प्रार्थना गीतों को प्रभावी और रुचिकर बनाने के लिए वीडियो में आकर्षक दृश्यांकन, एनीमेशन और विद्यालयी परिवेश पर आधारित प्रस्तुति को शामिल किया गया है।
उच्च गुणवत्ता वाली ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग से युक्त यह सामग्री विद्यालयों में डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से प्रार्थना सभा के दौरान उपयोग के लिए उपयुक्त है। प्रार्थना गीतों के वीडियो शिक्षा विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल, चैनलों और व्हाट्सऐप सहित डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रदेश के विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण प्रार्थना सामग्री सुलभ होगी और सरकारी एवं निजी विद्यालयों में इसके उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रार्थना गीतों के विमोचन से पूर्व एसआईईटी के निदेशक डॉ. अग्रवाल ने संस्थान की ओर से किए जा रहे कार्यों और आगामी योजनाओं का कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शैक्षिक मीडिया पहल 2026-27 के अंतर्गत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी डिजिटल शिक्षण सामग्री विकसित की जा रही है। इसके अंतर्गत पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनलों के लिए शैक्षिक वीडियो तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कठिन विषयों को सरल बनाने वाले लघु वीडियो तैयार करने की पहल शामिल है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राष्ट्रीय एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के अनुभवों और शिक्षण नवाचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से साझा किया जाएगा, ताकि दूसरे शिक्षक भी उनके प्रभावी प्रयोगों से सीख सकें। इसके साथ करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और विद्यार्थियों के आत्मविकास से जुड़ी डिजिटल सामग्री पर भी काम किया जा रहा है। समय प्रबंधन और परीक्षा तनाव जैसे विषयों पर उपयोगी सामग्री तैयार करने की योजना भी इसमें शामिल है।
उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास तकनीक और रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक, सरल और प्रभावी बनाना है। इस पहल से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम समझने, शिक्षकों को नए शिक्षण तरीकों से परिचित होने और विद्यालयों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के अवसर मिलेंगे। इस पहल से प्रार्थना सभाओं को अधिक जीवंत बनाने के साथ विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की अपेक्षा है।
परियोजना के अंतर्गत गायन मंडल में उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित विद्यालयों के विद्यार्थी एवं शिक्षक शामिल रहे हैं। वीडियो निर्माण एसआईईटी की टीम ने किया है, जबकि प्रकाशन और डिजिटल प्रसार शिक्षा विभाग के आधिकारिक माध्यमों से किया जाएगा। इस कार्य में उत्तर प्रदेश बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग का सहयोग रहा है।
