चेन्नई, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी की गिरफ्तारी के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों के काम में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में डीएमके के दो नेताओं, पूर्व मंत्री पी.के. शेखर बाबू और लोकसभा सांसद डॉ. कलानिधि वीरास्वामी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
चेन्नई पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर हुए विवाद के बाद वेपेरी पुलिस ने यह मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद अनबिल महेश को कथित तौर पर इसी कार्यालय में ले जाया गया था।
दोनों नेताओं के खिलाफ गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। पूर्व मंत्री को मेडिकल जांच और अदालती कार्यवाही के लिए ले जाने के दौरान शहर के कई स्थानों पर डीएमके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ता पुलिस आयुक्त कार्यालय, राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल और अदालत परिसर के पास एकत्र हुए।
अनबिल महेश को पुलिस आयुक्त कार्यालय लाए जाने की जानकारी मिलने के बाद शेखर बाबू और डीएमके के अन्य सदस्य वहां पहुंचे। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बहस हो गई।
कथित तौर पर तीखी बहस के दौरान शेखर बाबू ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या आप मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं?” इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। बताया गया कि वीरास्वामी भी अन्य डीएमके नेताओं के साथ इस विवाद में शामिल हुए।
इसके बाद वेपेरी पुलिस ने दोनों नेताओं के खिलाफ पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के आरोपों को लेकर कार्रवाई शुरू की। विरोध प्रदर्शन आयुक्त कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। सरकारी अस्पताल और अदालत परिसर के पास भी डीएमके कार्यकर्ता जुटे। आरोप है कि इन स्थानों पर कुछ पार्टी सदस्यों ने पूर्व मंत्री को ले जा रहे पुलिस वाहनों को रोकने की कोशिश की।
अनबिल महेश को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के दौरान हुई इन घटनाओं से तनाव बढ़ गया। शेखर बाबू और कलानिधि वीरास्वामी के खिलाफ दर्ज मामला प्रदर्शन के दौरान उनके कथित आचरण से संबंधित है, जबकि अनबिल महेश के खिलाफ मामला उनके मंत्री रहते कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
पूर्ववर्ती डीएमके सरकार में स्कूल शिक्षा मंत्री रहे अनबिल महेश को उनके कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर 400 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से कथित तौर पर आधी रात के आसपास उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल, इस मामले में शेखर बाबू और कलानिधि वीरास्वामी की ओर से आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
