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Home राष्ट्रीय एसआईआर चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार, कांग्रेस बेवजह आंदोलन कर रही: भाजपा

एसआईआर चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार, कांग्रेस बेवजह आंदोलन कर रही: भाजपा

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नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में सीजेपी के प्रोटेस्ट और कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार पलटवार किया। बिहार भाजपा उपाध्यक्ष हरि भूषण ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस जिस मुद्दे पर आंदोलन कर रही है, वह कोई मुद्दा ही नहीं है, एसआईआर कराना चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार है और जिनके नाम कटे हैं वे मृतक या डुप्लीकेट वोटर हैं।

हरि भूषण ठाकुर ने कहा, “जिस मुद्दे पर कांग्रेस आंदोलन कर रही है, वह कोई मुद्दा ही नहीं है। चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर देश के सौ से अधिक पूर्व आईएएस और आईएफएस अधिकारियों ने खुला पत्र लिखा है। उस पत्र में उन्होंने देश की वास्तविक स्थिति बताई है। 1989 से पहले बूथ कैप्चरिंग इतनी आम थी कि 1989 में इसे अपराध घोषित करना पड़ा।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज चुनाव आयुक्तों पर सवाल उठा रही है और जब कांग्रेस की सरकार थी तब उन्हीं चुनाव आयुक्तों को हटने के बाद कभी राज्यपाल बनाया गया, कभी केंद्र में मंत्री बनाया गया, तो कभी सांसद बनाया गया।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और एसआईआर कराना उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। यही कांग्रेस के बड़े नेता, चाहे राहुल गांधी हों या अन्य, संसद में अपने भाषणों में कह चुके हैं। सदन के रिकॉर्ड में है कि उन्होंने कहा था कि इस राज्य में 50 लाख फर्जी मतदाता हैं, तो किसी राज्य में 70 लाख फर्जी मतदाता हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि अब जब चुनाव आयोग एसआईआर करा रहा है तो कांग्रेस को कष्ट क्यों हो रहा है। एसआईआर में जिनके नाम कटे हैं, वे मृतक हैं, स्थायी रूप से पलायन कर चुके हैं या डुप्लीकेट हैं।

बिहार भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरी एसआईआर की प्रक्रिया में लगभग 35 लाख लोग लगे हैं, जिनमें करीब 9 लाख सरकारी बीएलओ हैं और बाकी राजनीतिक दलों के बीएलए हैं। यह प्रक्रिया 60 दिनों की है, एक दिन में पूरी नहीं होती। ड्राफ्ट प्रकाशन के समय सभी राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को एसआईआर की ड्राफ्ट कॉपी दी जाती है और एक महीने तक आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाता है। कांग्रेस को इससे कोई मतलब नहीं है, वह सिर्फ अराजकता फैलाना चाहती है।

चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में सीजेपी के प्रोटेस्ट पर पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “अगर कोई अपनी पॉलिटिकल राय रखता है तो उस पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए, लेकिन इस तरह से लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनाने की कोशिश करना मेरे हिसाब से किसी के भी हित में नहीं है।”

उन्होंने कहा कि हर मसले का हल बैठकर बातचीत करके निकाला जा सकता है। इस तरह से झगड़े में पड़ने से आखिर में जनता के साथ-साथ खुद को भी नुकसान होगा। मेरी उनसे अपील है कि अगर आपको कोई दिक्कत या शिकायत है, तो उसे एक प्लेटफॉर्म से बताएं। लोकतांत्रिक तरीकों से लोगों में जागरूकता बढ़ाएं और लोगों को अपने मकसद से जोड़ने की कोशिश करें। सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए किसी एक बात का सहारा लेना एक ऐसा तरीका है जो एक तरह से आज या कल लोकतंत्र की छवि खराब करेगा।

भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, अरविंद केजरीवाल और सीजेपी सभी क्रेडिट लेने की होड़ में खुद को लाइमलाइट में लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस होड़ में वे देश को अराजकता की ओर धकेलने का काम कर रहे हैं। दूसरी बात, मैं सीधे तौर पर उन सभी पर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए विदेशी ताकतों के साथ काम करने का आरोप लगाता हूं।

सीजेपी प्रोटेस्ट के बारे में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति और शांति दोनों को ध्यान में रखता है। डेमोक्रेसी में, सभी को शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करने और अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी अफरातफरी मचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पुलिस अपनी ड्यूटी करती है और शांति और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाती है।