अंबाला, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जनता को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची को दुरुस्त करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए भी प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने भाजपा के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि एक नवंबर को रोहतक में पदयात्रा होगी, जबकि पांच नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करनाल की यात्रा में शामिल होंगे और इसके बाद अंबाला कैंट में शहीदी स्मारक का लोकार्पण करेंगे।
अर्चना गुप्ता ने मीडियो को बताया कि 2025 में देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस प्रक्रिया के तहत तैयार की गई प्रारूप मतदाता सूची में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। भाजपा के पास उपलब्ध विवरण के अनुसार, इनमें तीन करोड़ मृत व्यक्तियों के नाम, छह करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम और एक करोड़ दोहराए गए नाम शामिल हैं। तीन बार बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के जाने के बावजूद लगभग तीन करोड़ लोगों का पता नहीं लगाया जा सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभी प्रारूप मतदाता सूची है और यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है तो वह फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। भारत में मतदान का अधिकार देश के पात्र नागरिकों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एसआईआर को लेकर गलत प्रचार कर रहा है और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बना रहा है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अर्चना गुप्ता ने 1975 में लगाए गए आपातकाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की संसद सदस्यता रद्द किए जाने के बाद देश में आपातकाल लगाया गया था। उस दौरान लोगों को जेल में डालने और प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त करने जैसे कदम उठाए गए थे। उन्होंने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के वर्ष 2009 के चुनाव संबंधी कथित बयान का भी उल्लेख किया और विपक्ष से अपने आरोपों पर जवाब देने की मांग की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त बयान में एसआईआर को लेकर आपसी सहमति की बात कही थी। राहुल गांधी, विपक्षी गठबंधन और अन्य विपक्षी नेता चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। विपक्ष जिन चुनावों में जीत हासिल करता है, वहां ईवीएम पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन हारने पर मशीनों को लेकर संदेह जताता है। उन्होंने दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को लेकर अलग-अलग रुख अपनाना उचित नहीं है। उन्होंने ईवीएम के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विषय पर जनता के सामने तथ्य रखने की जिम्मेदारी भाजपा की भी है।
अर्चना गुप्ता ने बताया कि भाजपा एक नवंबर को रोहतक में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ, झूठ भगाओ’ के संदेश के साथ बड़ी पदयात्रा आयोजित करेगी। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान फरीदाबाद में कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। पांच नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करनाल में पदयात्रा में शामिल होंगे। इसके बाद वह अंबाला कैंट पहुंचेंगे, जहां 1857 की क्रांति में देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को समर्पित शहीदी स्मारक का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर अमित शाह गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करेंगे। अंबाला में आयोजित बैठक का उद्देश्य शहीदी स्मारक के लोकार्पण और संबंधित कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पदयात्राओं, युवा संपर्क अभियानों और जनसंपर्क के माध्यम से गांवों, खेतों, चौपालों, गलियों और मोहल्लों तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में एसआईआर के संबंध में विस्तृत जानकारी दे चुके हैं और चुनाव आयोग भी अपना पक्ष रख चुका है। इसके बावजूद विपक्ष बार-बार आंदोलन और पदयात्रा के जरिए युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष फर्जी विमर्श तैयार करके जनता के बीच भ्रम फैलाना चाहता है। उन्होंने विपक्ष से राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि देश की मजबूती की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष की भी है।
