सोपोर पुलिस ने पांच और उपद्रवियों को किया गिरफ्तार, 13 की हुई पहचान

0
5

सोपोर, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। सोपोर कस्बे में स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शन में शामिल होकर उपद्रव मचाने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। सोपोर पुलिस ने रातभर चले छापों के दौरान पांच और उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, एक छात्रा ने शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। आरोपों के बाद सोपोर शहर में छात्रों ने शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। उपद्रवियों ने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में घुसपैठ की और कानून-व्यवस्था बिगाड़ी। उपद्रवियों ने तोड़फोड़ भी की, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। सोपोर पुलिस इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

पुलिस ने 13 और उपद्रवियों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। छापे और तलाशी अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक कि इन सभी तत्वों को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जाता। सोपोर पुलिस ने दोहराया कि वह किसी भी व्यक्ति को संवेदनशील परिस्थितियों का फायदा उठाकर सार्वजनिक शांति भंग करने की अनुमति नहीं देगी। अव्यवस्था फैलाने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

सोपोर पुलिस ने शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सोपोर की जनता द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग और समर्थन की सराहना की है। इसके साथ ही सभी नागरिकों से सतर्क रहने और एजेंसियों का सहयोग देने की अपील की है। इसके पहले मंगलवार को पुलिस ने 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था।

सोपोर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इफ्तिखार तालिब के मुताबिक छात्रा के आरोपों के बाद शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

सोपोर के अतिरिक्त उपायुक्त एस.ए. रैना ने बताया कि सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, लड़कों के उच्च माध्यमिक विद्यालय और सरकारी डिग्री कॉलेज सोपोर में शैक्षणिक गतिविधियां 15 अप्रैल से 18 अप्रैल तक स्थगित रहेंगी। उत्पीड़न के आरोपों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।