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सपा सरकार में केवल गुंडागर्दी और जमीन कब्जाने की घटनाएं, सत्ता का मिला था पूरा संरक्षण: अनिल राजभर

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लखनऊ, 30 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने सपा नेताओं के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें कोई भी बयान देने से पहले तथ्यों पर विचार करना चाहिए। जिस उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा को चार बार सरकार बनाने का मौका दिया, कम से कम उसके जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।

यूपी सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए सपा पर आरोप लगाया कि उस दौरान सत्ता के संरक्षण में गुंडागर्दी और जमीन कब्जाने की घटनाएं होती थीं।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को जमीन पर कब्जा करना होता था या कोई गलत काम करना होता था तो लाल टोपी पहनने वाले लोगों के समूह के पहुंचने की बात कही जाती थी। महिलाओं के सम्मान के खिलाफ घटनाओं पर प्रशासन पर्याप्त कार्रवाई नहीं करता था।

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि सपा जब सत्ता में होती है तो उसका राजनीतिक व्यवहार अलग होता है और सत्ता से बाहर होने के बाद उसे जनता की समस्याएं याद आती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा सरकार के कार्यकाल को भूली नहीं है।

उन्होंने कहा कि सपा भले ही राजनीतिक शब्दों की परिभाषाएं बदलती रहे या अपने राजनीतिक प्रतीकों और रंगों में बदलाव करे, लेकिन जनता उसके पुराने कार्यकाल को याद रखती है। उन्होंने पीडीए के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया और कहा कि सपा अपने राजनीतिक संदेश को स्पष्ट करने में सफल नहीं रही है।

मंत्री ने सपा नेताओं से अपील की कि वे बयानबाजी के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें और जनता के जनादेश का सम्मान करें।

लाल टोपी को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी राजभर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा लाल टोपी को क्रांति का प्रतीक बताती है, लेकिन 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में सपा सरकार के दौरान लाल टोपी पहनने वाले लोगों पर गरीबों और किसानों की जमीन पर कब्जे तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं के आरोप लगते रहे।

पुरानी पेंशन के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल राजभर ने कहा कि सपा नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि पुरानी पेंशन व्यवस्था में बदलाव किसके शासनकाल में हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अब इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रही है और लगातार ऐसे बयान दे रही है, जिनका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।