Monday, August 24, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर लगाई रोक

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नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राजस्थान की जोजरी नदी के किनारे से 100 मीटर के दायरे में सभी तरह के निर्माण और विकास कार्यों पर रोक लगा दी। यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक कि बाढ़ सीमा और पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र का वैज्ञानिक तरीके से निर्धारण और सीमांकन नहीं हो जाता।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जोजरी समेत राजस्थान की नदियों में औद्योगिक प्रदूषण से जुड़े एक ‘सुओ मोटो’ मामले में यह आदेश दिया।

कोर्ट ने आदेश दिया कि नदी की मौजूदा बाढ़ सीमा से दोनों तरफ 500 मीटर तक ऐसे किसी उद्योग या गतिविधि की अनुमति नहीं होगी, जिससे नदी में प्रदूषण, गंदगी या पर्यावरण को कोई दूसरा नुकसान होने की संभावना हो।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को काफी नुकसान हुआ है। इसलिए जब तक वैज्ञानिक तरीके से नदी की बाढ़ सीमा और जरूरी पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र तय नहीं हो जाता, तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी।

कोर्ट ने कहा, “हमारी राय है कि बाढ़ सीमा और जरूरी पर्यावरण सुरक्षा क्षेत्र तय करने और उनकी सीमा तय करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया के दौरान नदी के इकोसिस्टम की ठीक से सुरक्षा के लिए एक अंतरिम, निश्चित और मापने योग्य सुरक्षा क्षेत्र बनाना जरूरी है। इसलिए, हम निर्देश देते हैं कि ऊपर बताई गई गाइडलाइंस के अनुसार, नदी के किनारे से 100 मीटर की दूरी के भीतर किसी भी तरह का निर्माण या विकास कार्य करने की अनुमति नहीं होगी।”

कोर्ट के सामने यह ‘सुओ मोटो’ का मामला तब आया, जब एक डॉक्यूमेंट्री में जोजरी नदी के अंदर जोधपुर, पाली और बाड़मेर जिलों में भारी प्रदूषण का खुलासा हुआ।

नवंबर 2025 में कोर्ट ने जोजरी, बांडी और लूनी नदियों की सफाई के लिए एनजीटी के 2022 के निर्देशों को फिर से लागू किया था और राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल इकोसिस्टम निगरानी समिति का गठन किया था।