स्वस्थ जीवन का आधार ‘भद्रासन’, जानें इसके फायदे और करने का सही तरीका

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नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और शरीरिक थकान एक आम समस्या है। ऐसे में योग और संतुलित आहार लेने से स्वास्थ्य ठीक रहता है। इन्हीं में से ‘भद्रासन’ आधुनिक जीवनशैली के लिए प्रभावी समाधानों में से एक है।

यह योग शुरुआती योगासन का सबसे महत्वपूर्ण योगासन है, जिसके 5-10 मिनट अभ्यास करने से मन शांत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भद्रासन योग को अंग्रेजी में ‘ग्रेसिऑस पोज’ भी कहा जाता हैं।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन एक अत्यंत लाभकारी और स्थिर योगासन है, जिसके नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है। इसे करने के दौरान शरीर की मुद्रा कुछ इस प्रकार होती है कि रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और निचले हिस्से में खिंचाव आता है, जिससे शरीर प्राणायाम और गहरे ध्यान के लिए तैयार हो जाता है।

यह आसन महिलाओं के लिए फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों का मानना है कि इसके नियमित अभ्यास से मासिक धर्म के दर्द और असहजता से राहत दिलाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, गर्भावस्था के दौरान भी, विशेषज्ञों की देखरेख में, लाभप्रद हो सकता है।

इस आसन का अभ्यास करना बेहद आसान है। इसे करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर, पीठ व कमर सीधा रखते हुए बैठें। इसके बाद दोनों हथेलियों को नितंब के पास जमीन पर रखें। अब दोनों पैरों के तलवे पास ले आएं। फिर श्वास भरते हुए पैरों के पंजे हाथों से पकड़ लें। इसके बाद

श्वास भरते हुए एड़ियों को मूलधारा क्षेत्र के जितना संभव हो, नजदीक लाएं। इस अवस्था में 10 से 30 सेकेंड तक रुकें। फिर सामान्य रूप से श्वास लेते रहें।

यह आसन करने में काफी आसान है, लेकिन शुरुआत में इसके करने में बहुत ज्यादा जोर न लगाएं, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।

गठिया या घुटने के गंभीर दर्द से पीड़ित लोगों को इस आसन से बचना चाहिए। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को यह आसन करने से पहले योगाचार्य से परामर्श लेना चाहिए।