नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए साल 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है। 10 जून को उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नया रिकॉर्ड बनाया। अब 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से उनका संबोधन एक बार फिर रिकॉर्ड के केंद्र में है। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले से तिरंगा फहराएंगे। इस दौरान उनके सामने कुछ ऐसे रिकॉर्ड होंगे, जिन पर देश-दुनिया की नजर रहेगी।
10 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 4,399 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बनाया और जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब 15 अगस्त को लाल किले से उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन होगा। 2025 में 12वीं बार तिरंगा फहराकर उन्होंने इंदिरा गांधी के लगातार 11 बार लाल किले से ध्वजारोहण करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। अब 13वीं बार ध्वजारोहण के साथ वे इस रिकॉर्ड को और आगे बढ़ाएंगे। हालांकि, लाल किले पर लगातार ध्वजारोहण के मामले में जवाहरलाल नेहरू 17 बार के साथ अभी सबसे आगे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस बार सबसे ज्यादा दिलचस्पी प्रधानमंत्री मोदी के भाषण को लेकर होगी। 15 अगस्त 2025 को पीएम मोदी ने 103 मिनट का संबोधन देकर न सिर्फ अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था, बल्कि यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अब तक का सबसे लंबा भाषण बना। इससे पहले उनका रिकॉर्ड 2024 में करीब 98 मिनट का था।
ऐसे में अगर प्रधानमंत्री इस बार 103 मिनट से ज्यादा बोलते हैं तो वह एक बार फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर स्वतंत्रता दिवस के इतिहास में सबसे लंबे प्रधानमंत्री संबोधन का नया रिकॉर्ड कायम करेंगे।
एक और खास बात इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक बना रही है। 2026 में वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम का विशेष गायन होगा। इस लिहाज से 15 अगस्त का समारोह सिर्फ प्रधानमंत्री के रिकॉर्डों तक सीमित नहीं रहेगा। यह भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा।
समारोह की परंपरा के मुताबिक प्रधानमंत्री को इंटर-सर्विसेज और दिल्ली पुलिस के जवानों की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और वे गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद लाल किले की प्राचीर पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस बार समारोह में युवाशक्ति और विकसित भारत 2047 पर भी विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
यानी 2026 प्रधानमंत्री मोदी के रिकॉर्डों का साल बनता जा रहा है। जून में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड, अगस्त में लगातार 13वीं बार लाल किले से ध्वजारोहण और संभव हुआ तो 103 मिनट के अपने ही भाषण रिकॉर्ड को तोड़ने का मौका। 15 अगस्त का मंच एक बार फिर इतिहास लिखने के लिए तैयार है।

