तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बंपर मतदान, आजादी के बाद ऐतिहासिक वोटिंग पर आयोग ने जताई खुशी

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नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के चुनावी इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर मतदाताओं की भागीदारी देखने को मिली। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इसे आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत बताते हुए दोनों राज्यों के मतदाताओं को सलाम किया।

तमिलनाडु में एक ही चरण में 234 सीटों के लिए मतदान हुआ। जबकि, पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई, जिसमें दोनों राज्यों में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस दौरान देश की आजादी के बाद अब तक का सबसे ज्यादा वोटिंग प्रतिशत दर्ज किया गया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत। ईसीआई पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हर मतदाता को सलाम करता है।”

चुनाव आयोग से जारी आंकड़ों के अनुसार, शाम 6 बजे तक तमिलनाडु में करीब 84.64 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में लगभग 91.74 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस बार मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया।

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के दौरान कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। जिलावार आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण दिनाजपुर में सर्वाधिक करीब 94.77, कूचबिहार में 94.40, बीरभूम में 93.61 और जलपाईगुड़ी में 93.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इसके अलावा मालदा में 92.22, मुर्शिदाबाद में 92.88, उत्तर दिनाजपुर में 92.04 और झारग्राम में 91.78 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, अलीपुरद्वार, बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर जैसे जिलों में भी मतदान प्रतिशत 89 से 91 के बीच रहा। दार्जिलिंग (88.01 प्रतिशत) और कलिम्पोंग (82.93 प्रतिशत) जैसे इलाकों में अपेक्षाकृत कम, लेकिन फिर भी मजबूत मतदान दर्ज किया गया।

तमिलनाडु में भी मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान किया और कई जिलों में 85 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। करूर में लगभग 92.28, सलेम में 90.38, इरोड में 89.93 और धर्मपुरी में करीब 89.99 प्रतिशत मतदान हुआ। नमक्कल, तिरुपुर, तिरुपत्तूर और वेल्लोर जैसे जिलों में भी 85 से 89 प्रतिशत के बीच मतदान दर्ज किया गया। चेन्नई, मदुरै और तिरुनेलवेली जैसे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन फिर भी यह संतोषजनक स्तर पर बना रहा।

चुनाव आयोग के अनुसार दोनों राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे यह साफ है कि लोगों में लोकतंत्र के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ी है।