चेन्नई, 9 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी खींचतान के बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) को सरकार गठन के लिए बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है। इस समर्थन से राज्य में सरकार बनाने की प्रक्रिया को नई मजबूती मिली है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कादर मोहिदीन ने समर्थन पत्र सौंपते हुए इसे राजनीतिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह पत्र टीवीके के कार्यकारी समिति के मुख्य समन्वयक सेंगोट्टैयन और नीति-प्रचार महासचिव अरुण राज को सौंपा गया।
इस मौके पर सेंगोट्टैयन ने आईयूएमएल के समर्थन का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का नेतृत्व हमेशा समावेशी विचारधारा को बढ़ावा देता रहा है। हमारे नेता के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वे सभी धर्मों को स्वीकार करते हैं, लेकिन वास्तव में वे हर मंच से यह कहते हैं कि हर धर्म हमारा धर्म है। यही उनकी समावेशी सोच को दर्शाता है।
सेंगोट्टैयन ने कहा कि विभिन्न वर्गों और समुदायों के एकजुट समर्थन से ही उनके नेता को शासन की जिम्मेदारी सौंपने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने इस सहयोग के लिए सभी समर्थकों और सहयोगी दलों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन के बाद न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश में शांति और राहत का माहौल महसूस किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह समर्थन सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक स्थिरता को मजबूत करेगा।
टीवीके महासचिव अरुण राज ने कहा कि हमें आईयूएमएल और अन्य दलों से समर्थन मिला है। आईयूएमएल नेताओं ने हमारी पाार्टी को समर्थन दिया है। हमने सरकार बनाने के लिए बहुमत का जरूरी आंकड़ा पार कर लिया है और बहुत जल्द हमारे नेता सीएम पद की शपथ लेंगे।
इससे पहले, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने भी टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की थी, जिससे विजय के लिए राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए जरूरी संख्या जुटाने का रास्ता साफ हो गया।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, टीवीके को 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिसमें टीवीके के 107, कांग्रेस के पांच, और सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के दो-दो विधायक शामिल हैं।
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था। इस चुनाव में डीएमके, एआईएडीएमके, नाम तमिलर काची (एनटीके) और टीवीके के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 4 मई को घोषित नतीजों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, जब विजय ने अपनी जीती हुई दो सीटों में से केवल एक सीट अपने पास रखने का फैसला किया तो पार्टी की प्रभावी संख्या घटकर 107 रह गई।
नतीजों के बाद चेन्नई में जोरदार राजनीतिक हलचल देखने को मिली, जिसमें टीवीके ने सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने के उद्देश्य से कई पार्टियों के साथ बातचीत शुरू की।

