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तमिलनाडु के गुडालूर में मवेशियों पर हमले के बाद बाघ को पकड़ने का अभियान शुरू

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गुडालूर, 6 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु वन विभाग ने गुडालूर वन रेंज में नंबलाकोट्टई के पास विमलागिरी में रिहायशी और खेती वाले इलाकों में बार-बार आने वाले एक बाघ को पकड़ने का ऑपरेशन शुरू किया है। वन विभाग की तरफ से कई जगहों पर पिंजरे लगाए गए हैं जबकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 25 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार बाघ निवासियों के बीच में न आ जाए इसको रोकने के लिए अतिरिक्त वन कर्मियों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विमलागिरी का बाघ वह संदिग्ध आदमखोर नहीं है जिसका संबंध ओ-वैली वन रेंज में लॉरिस्टन में दो लोगों की मौत से है।

मुख्य वन्यजीव वार्डन राकेश कुमार डोगरा ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में विमलागिरी बाघ को अक्सर मानव बस्तियों के पास देखा गया था, जिससे क्षेत्र में मानव-पशु टकराव की आशंका बढ़ गई थी और इसी वजह से बाघ को पकड़ने का निर्णय लेना आवश्यक हो गया था। इस बीच, ओ वैली में बाघ को पकड़ने के प्रयास भी जारी रहे। निवासियों ने पिछले हफ्ते बस्तियों में बाघ के आने के दौरान ली गई तस्वीरें साझा की हैं, जिसके बाद से तुरंत कार्रवाई की मांग उठी है।

वन अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मवेशियों को चराई के लिए बिना देखरेख के न छोड़ें। वे जानवरों को सुरक्षित शेड में रखें, खासकर उन समयों में जब बाघ के इलाके में घूमने की आशंका हो।

संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पी. देवराज ने कहा कि वन विभाग ने बिना देरी किए उसे पकड़ने का ऑपरेशन शुरू करने का फैसला किया क्योंकि विमलागिरी में जंगल का दायरा सीमित है। इस इलाके में मुख्य रूप से रिहायशी इलाके, खेती की जमीन और कॉफी और चाय के बागानों के छोटे हिस्से हैं, जिससे लोगों के साथ बार-बार आमना-सामना होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर बाघ की लोकेशन और मौजूदा हालात सुरक्षित रूप से प्रक्रिया करने की इजाजत देते हैं, तो पशु चिकित्सक उसे ट्रैंक्विलाइज (बेहोश) कर सकते हैं। इसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है, जल्द से जल्द उसको पकड़ लिया जाएगा। इस बात की भी प्रबल संभावना है कि जानवर मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व की ओर जा सकता है, जो दूरी से पांच किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। लोगों को सलाह दी गई है कि अगर कही भी बाघ दिखाई देता है तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी जाए।