चेन्नई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए ‘थायमामन थंगा मोथिरम’ योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत 22 जून 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम वजन का सोने का छल्ला दिया जाएगा।
योजना के शुभारंभ और क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक हुई।
तमिलनाडु सरकार के अनुसार, राज्य में मातृ एवं शिशु कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात देखभाल, आपातकालीन प्रसूति सेवाएं, पोषण, प्रसव योजना और प्रेग्नेंसी एंड चाइल्ड ट्रैकिंग इवैल्यूएशन सॉफ्टवेयर जैसी कई योजनाएं लागू की गई हैं।
सरकार ने बताया कि तमिल संस्कृति और परंपरा में ‘थायमामन सीर’ की परंपरा को ध्यान में रखते हुए तथा सरकारी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य सेवाओं में लोगों का विश्वास और मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए 23 जून 2026 को शासनादेश जारी किया गया था।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के आंकड़ों के अनुसार, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चों का जन्म होता है। इनमें 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं। करीब 4.20 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी अस्पतालों में होते हैं।
योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले सभी बच्चों को एक ग्राम वजन का सोने का छल्ला दिया जाएगा। प्रत्येक छल्ले पर यूनिक सीरियल नंबर होगा और इन्हें छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग में रखा जाएगा। योजना के लिए पहले चरण में 1,28,000 सोने के छल्ले खरीदे जा चुके हैं।
इस योजना का लाभ तमिलनाडु की स्थायी निवासी माताओं को मिलेगा। इसके लिए उनका पीआईसीएमई में पंजीकरण और आरसीएच आईडी प्राप्त होना अनिवार्य होगा।
सरकार के मुताबिक, 22 जून 2026 से 28 सितंबर 2026 तक सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए 28 सितंबर से 107 हब के माध्यम से प्रतिदिन 100 बच्चों को सोने के छल्ले वितरित करने की व्यवस्था की गई है। योजना के शुभारंभ के बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को अस्पताल से छुट्टी के समय ही सोने का छल्ला दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस योजना से सरकारी चिकित्सा सेवाओं में लोगों का विश्वास बढ़ने के साथ सुरक्षित संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन मिलेगा और मातृ एवं शिशु सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
समीक्षा बैठक में चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा एवं जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अरुणराज, मुख्य सचिव डॉ. एम. साईकुमार, डीजीपी महेश कुमार अग्रवाल, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ. थारेस अहमद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. अनीश शेखर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
