Friday, August 21, 2026
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तनु के अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने से गदगद माता-पिता, बोले- गांव का नाम किया रोशन

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हांसी, 21 अगस्त (आईएएनएस)। युवा भारतीय रेसलर तनु शर्मा ने अंडर 20 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर अपने उभरते करियर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस जीत से उनके गांव में परिवार के लोग खुशी से झूम उठे। हरियाणा के हांसी के भकलाना गांव की रहने वाली रेसलर तनु ने स्लोवाकिया में चल रही चैंपियनशिप में 72 किलोग्राम कैटेगरी में यह कामयाबी हासिल की।

फाइनल में उन्हें जापान की चिसातो योशिदा से 5-3 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह गोल्ड मेडल लाने से चूक गईं। जीत के बाद शर्मा ने यह मेडल अपने गांव और देश को समर्पित किया और अगली बार गोल्ड मेडल जीतने का वादा किया। जीत के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “मैं हरियाणा के भकलाना गांव से हूं। मुझे बहुत खुशी है कि मैंने अपने देश के लिए अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीता है।”

जीत के बाद उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं इस उपलब्धि के लिए भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। मैं अपने परिवार की भी शुक्रगुजार हूं जिन्होंने शुरू से ही मेरे सफर में मेरा साथ दिया। मुझ पर भरोसा जताने के लिए रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) का भी धन्यवाद करती हूं। यह सिर्फ मेरा मेडल नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और मेरे गांव का सम्मान है। मैं गोल्ड मेडल जीतने से चूक गई, लेकिन अगली बार मैं इसे जरूर जीतूंगी और देश का मान और बढ़ाऊंगी।”

भकलाना गांव में शर्मा की इस उपलब्धि से परिवार और करीबी लोग बेहद खुश हैं। उन्होंने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और माता-पिता ने अपनी बेटी की इस कामयाबी पर खुशी जाहिर की। तनु के पिता वीरेंद्र शास्त्री ने ‘आईएएनएस’ को बताया, “उन्हें बचपन से ही खेलों में खास दिलचस्पी है। वह अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ खेलती थीं और अपनी उम्र के सभी बच्चों को हरा देती थी।”

उन्होंने आगे बताया कि उनके चाचा नरेंद्र शर्मा ने तनु को इस खेल को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। तनु की रेसलिंग की प्रतिभा को देखते हुए भारतीय सेना से रिटायर्ड उनके चाचा नरेंद्र शर्मा ने उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।”

पिता वीरेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का दाखिला कोच संजय सिया की कोचिंग अकादमी में कराया था, जिन्होंने बाद में उसे हिसार की साई स्पोर्ट्स अकादमी में भर्ती कराया। पिता ने एक दिलचस्प किस्सा भी बताया कि कैसे ‘खेलो इंडिया’ में गोल्ड समेत कई मेडल जीतने के बाद भी उनकी बेटी ने शानदार स्वागत कराने से मना कर दिया और कहा कि वह स्वागत तभी कराएगी जब वह कोई इंटरनेशनल मेडल जीतेंगी।

पिता ने आगे कहा, “उन्होंने भोपाल में ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ में ब्रॉन्ज मेडल जीता और फिर नागालैंड में ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स’ में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद में उन्होंने चेन्नई में ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ में गोल्ड मेडल जीता, जिससे उन्हें नई उड़ान मिली। गांव वालों ने उनका जोरदार स्वागत करना चाहा, लेकिन तनु ने कहा, ‘यह कोई बड़ा मेडल नहीं है; मेरा स्वागत तब करना जब मैं कोई इंटरनेशनल प्राइज जीतकर आऊंगी।”

स्लोवाकिया में अपनी बेटी को मेडल जीतते देख उनकी मां सुमन लता भी बहुत खुश थीं। उन्होंने ‘आईएएनएस’ से ​​कहा, “मैं बहुत खुश हूं। गांव में हर कोई खुश है।” यह पूछे जाने पर कि उन्होंने अपनी बेटी को क्या खिलाया-पिलाया, लता ने कहा, “मैंने उसे दूध और दही दिया। मैंने उसे जूस और बादाम भी दिए। वह खूब खाती-पीती थी। पूरा गांव उनके साथ है। पूरा गांव कह रहा है कि वे उनका स्वागत करेंगे। इस लड़की (तनु शर्मा) ने पूरे गांव का नाम रोशन किया है।”