टिहरी, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तराखंड के टिहरी में एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद जिला मजिस्ट्रेट टिहरी-गढ़वाल नितिका खंडेलवाल ने उप जिला मजिस्ट्रेट टिहरी को इस पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए जांच अधिकारी नामित किया है।
यह हादसा 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 2 बजकर 42 मिनट पर हुआ। वाहन चंबा-कोटी कॉलोनी मोटर मार्ग पर नैलमल्ला स्थित होटल बागसू महादेव के पास अनियंत्रित हो गया। वाहन सड़क किनारे लगे सुरक्षा अवरोध को तोड़ते हुए करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में वाहन में सवार 10 लोगों में से 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए। यह कार्रवाई उत्तराखंड शासन के परिवहन अनुभाग द्वारा 3 मार्च 2023 को जारी सड़क परिवहन दुर्घटना राहत निधि संशोधन नियमावली 2023 के तहत की गई है। इस नियमावली के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और उनके कारणों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रियल जांच अनिवार्य होती है।
जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस रिपोर्ट में दुर्घटना की तिथि और समय, मार्ग की स्थिति, वाहन का पंजीकरण विवरण, परमिट और उसकी वैधता, यात्री कर की स्थिति, मृत और घायल व्यक्तियों के नाम और पते सहित सभी आवश्यक जानकारी शामिल की जाएगी। इसके साथ ही घायलों के चिकित्सा प्रमाण और मृतकों के आश्रितों का विवरण भी रिपोर्ट का हिस्सा होगा।
इसके अलावा वाहन की तकनीकी जांच वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कराई जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के पीछे क्या कारण रहे। जांच में चालक की स्थिति, जैसे नशे में होना या लापरवाही, वाहन की तकनीकी खराबी, तेज गति और सड़क की हालत जैसे सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी। साथ ही चालक के लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी जांच में शामिल की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस जांच का उद्देश्य हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना है।

