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‘तुष्टीकरण के आगे कांग्रेस ने किया आत्मसमर्पण’, वंदे मातरम विवाद पर ओपी चौधरी

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रायपुर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत माता की स्तुति से जुड़े राष्ट्रगीत को लेकर पार्टी को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस के चुनावी वादों को लेकर जताई गई आशंका का भी समर्थन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जिसमें उन्होंने जनता से राहुल गांधी और कांग्रेस के चुनावी वादों पर भरोसा करने से पहले उनके पुराने रिकॉर्ड को देखने की अपील की थी, ओपी चौधरी ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कांग्रेस को करीब 50 वर्षों तक देश में शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उसके कार्यकाल में देश की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा। चौधरी ने 1991 तक की आर्थिक बदहाली और आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड जनता के सामने है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के लिए सत्ता-केंद्रित राजनीति की। प्रधानमंत्री मोदी ने इसी पुराने रिकॉर्ड को जनता के सामने रखने की कोशिश की है और देश की जनता भी कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास को समझ रही है।

‘वंदे मातरम’ विवाद पर कांग्रेस से सवाल करते हुए चौधरी ने कहा कि भारत माता को माता के रूप में सम्मान देने में उसे क्या आपत्ति है। मां दुर्गा की आराधना और भारत माता की स्तुति की भावना से जुड़े ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर कांग्रेस को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार राजनीतिक ताकतों ने बाद में ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी विभाजनकारी दृष्टिकोण अपनाया। भारत की एकता और सनातन परंपरा की संस्कृति समाज को जोड़ने वाली रही है।

ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कथित तौर पर तुष्टिकरण की राजनीति के आगे भारत की एकता की संस्कृति से समझौता किया। इसके विपरीत उन्होंने भाजपा की नीति को ‘तुष्टिकरण किसी के साथ नहीं, न्याय सभी के साथ’ बताया। चौधरी ने कहा कि भाजपा भारत की एकता और अखंडता को अपने राजनीतिक एजेंडे और घोषणापत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘वंदे मातरम’ जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए और देश की एकता से जुड़े मुद्दों पर जनता के सामने स्पष्ट दृष्टिकोण रखना चाहिए।