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उज्जैन में बवाल के बाद मस्जिद का हिस्सा तोड़ने को खुद तैयार हुआ मुस्लिम समाज

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उज्जैन, 28 सितंबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़ने को लेकर हुए बवाल के बाद मुस्लिम समाज खुद प्रस्तावित हिस्से को तोड़ने को तैयार हो गया है । पथराव करने के मामले में पुलिस ने 10 लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है और हिरासत में लेने का दौर भी शुरू हो गया है।

उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन किया जाने वाला है। इसके मद्देनजर सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। इसी क्रम में शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़ने को लेकर बवाल हो गया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया तो वही पुलिस को आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के हाथ में चोट भी लगी है। करीब 2 घंटे चले हंगामा के बाद स्थितियां काबू में आ गई हैं। वहीं, मस्जिद के जिस हिस्से को हटाया जाना है उसे तोड़ने के लिए मुस्लिम समाज तैयार हो गया है।

पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और उन्हें हिरासत में लेना भी शुरू कर दिया है। दरअसल सिंहस्थ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, इसको ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को सुगम किया जा रहा है और जो मार्ग संकरे हैं उन्हें चौड़ा किया जा रहा है। इसी क्रम में कंठल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है जबकि इसके बीच में शाही मस्जिद आती है। मस्जिद का भी हिस्सा हटाया जाना है, जिसे हरे कपड़े से ढक दिया गया था और इसे तोड़ने की विरोध में महिलाएं सड़क पर आकर बैठ गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

पुलिस ने महिलाओं को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान पथराव हो गया, पुलिस को भी भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। मौके पर स्थितियां तनावपूर्ण बनी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई, वहीं मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जमा हो गए और वह मस्जिद का हिस्सा हटाए जाने का विरोध करते रहे। पथराव और आंसू गैस की गोले छोड़ें के जाने के दौरान पुलिस निरीक्षक पुष्पा पंचाल के हाथ में चोट आई है।

उन्होंने बताया कि महिलाएं लोहे की टीन के पीछे थी और उन्हें बचाने की कोशिश में उनके हाथ में लोहे के टीन से कट लग गया है और उपचार के बाद फिर भी अपने काम में जुटी हुई है । सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक निवास भी सड़क के किनारे है जिस पर उन्होंने स्वयं रविवार को कुदाली चलाई थी और उसे तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। उस दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी हो गए थे। वहीं, उज्जैन के कई दूसरे इलाकों में लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान के हिस्सों को तोड़ा है ताकि सड़क चौड़ी हो सके।

–आईएएनएस

एसएनपी/पीएम