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वंदे मातरम का विरोध शर्मनाक, कांग्रेस ‘अंग्रेजों’ की कतार में खड़ी: संजय निरुपम

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मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में ‘वंदे मातरम’ के पूरे पद गाने को लेकर उठे विवाद पर शिवसेना ने कांग्रेस पर निशाना साधा। वहीं, चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों को भी शिवसेना ने निराधार बताया है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भारत में कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है। एक बार जब संसद ‘वंदे मातरम’ के संबंध में कोई कानून बना लेती है तो देश भर की सभी राज्य सरकारों को उसका पालन करना चाहिए, और किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को अपने नियम बनाने पर जोर नहीं देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा खड़ा किया गया विवाद शर्मनाक है। निरुपम ने कहा, “अंग्रेज ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते थे, और देश में कुछ मुस्लिम समूहों ने इसका विरोध किया है। अब कांग्रेस पार्टी भी ‘वंदे मातरम’ का विरोध करने वालों की कतार में शामिल हो गई है।”

शिवसेना नेता ने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा है और इसका विरोध करना देश की संस्कृति एवं भावना का अपमान है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसे राष्ट्रीय गीत से क्या आपत्ति है।

चुनाव आयोग के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय निरुपम ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में कुछ भी गलत नहीं है। इसका उद्देश्य किसी विशेष पार्टी या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं है। यह पुरानी मतदाता सूचियों को साफ करने और अपडेट करने का एक बहुत अच्छा कार्यक्रम है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में उपराष्ट्रपति, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और यहां तक कि एलके आडवाणी सहित प्रमुख हस्तियों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। जब मतदाता सूची में करोड़ों नाम होते हैं तो ऐसी गलतियां हो सकती हैं और उन्हें सुधारने की प्रक्रिया चल रही है।

निरुपम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस पर अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा कर रही है और इसे एक राक्षसी कार्यक्रम के रूप में पेश कर रही है। वास्तव में यह मतदाता सूची को शुद्ध करने की एक कवायद है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर इस तरह के आरोप लगाना लोकतंत्र पर हमला है। कांग्रेस को अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।