वाराणसी, 12 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। गंगा का जलस्तर फिलहाल चेतावनी के निशान से नीचे बना हुआ है, हालांकि नदी में नाव संचालन अभी भी निलंबित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) पर गंगा का जलस्तर 68.92 मीटर दर्ज हुआ है। शनिवार को जलस्तर घटकर 69.28 मीटर पर पहुंचा था।
गंगा के जलस्तर में कमी को देखते हुए बाढ़ का तत्काल खतरा कम हुआ है। अभी गंगा का जलस्तर 70.26 मीटर के चेतावनी बिंदु से करीब 1.34 मीटर नीचे है।
पंडित ओमकारनाथ त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। यह अब तक करीब 4.5 फीट घट चुका है। यहां घाटों पर गंदगी और मिट्टी इकट्ठा हो गई है।
उन्होंने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण हम लोगों की रोजी रोटी पर असर पड़ा। तेज बहाव के कारण आम लोग और श्रद्धालुओं का गंगा स्नान करना चुनौतीपूर्ण है। लोग स्नान नहीं कर पाते हैं तो पूजा पाठ भी कम हो जाता है।
एक स्थानीय नागरिक विकास कुमार सहनी के अनुसार, अभी नौकायन बंद है। जलस्तर और घटने के बाद ही नौकायन का संचालन शुरू होगा। हालांकि, इसमें काफी समय लग सकता है।
उधर, प्रयागराज में भी गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंचा है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को प्रयागराज के नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 81.02 मीटर दर्ज किया गया। वहीं फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 81.90 मीटर रहा। छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.57 मीटर दर्ज किया गया।
बक्सी बांध स्थित एसटीपी के पास भी जलस्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। यहां जलस्तर 81.18 मीटर रहा। प्रयागराज जिले में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर निर्धारित है। मौजूदा स्थिति में दोनों नदियों का जलस्तर इस सीमा से काफी नीचे है।
