लखनऊ, 11 सितंबर (आईएएनएस)। बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने जंगलराज का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की।
रविदास मेहरोत्रा ने घटना को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “गोंडा में प्रमुख व्यापारी नेता विनोद कुमार साहनी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हत्या के विरोध में लखनऊ में प्रदर्शन हुआ और समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि विनोद साहनी हत्याकांड की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।”
मेहरोत्रा ने कहा कि इस घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में गुंडा-माफिया और जंगलराज कायम हो गया है। अपराधी भयमुक्त हो गए हैं, व्यापारियों को दुकानों पर लूटा जा रहा है, और उनकी हत्या की जा रही है। प्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और भाजपा सरकार से जनता का विश्वास उठ गया है। जब तक असली आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर से सपा पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी भारतीय जनता पार्टी की बी टीम के रूप में काम कर रही है और लगातार सपा के खिलाफ बोल रही है। बसपा का जनाधार खत्म हो गया है और उनका ना कोई सांसद है ना कोई विधायक। उनका सारा वोट बैंक सपा में आ गया। नीला किसी पार्टी का रंग नहीं है। सपा की छात्र सभा में नीली जींस और नीली शर्ट ड्रेस रखी गई है। सपा में हर प्रकोष्ठ की अलग-अलग ड्रेस है। वैसे ही छात्रसभा की ड्रेस है।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर में 115 साल पुरानी मस्जिद को रात के अंधेरे में भाजपा सरकार ने गिरवा दिया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सभी अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगा दी है और 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की है। हमें विश्वास है कि हाईकोर्ट भाजपा सरकार को सख्त आदेश देगा और उन अधिकारियों से पैसा वसूल कर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव की स्थगित रैली को लेकर सपा विधायक ने भाजपा सरकार पर हमला बोला और कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बुलंदशहर में रैली प्रस्तावित थी, जिस पर भाजपा सरकार ने रोक लगा दी, जो लोकतंत्र पर हमला है। रैली के लिए पहले से ही अनुमति के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन भाजपा सरकार के आदेश पर वहां के डीएम ने हेलीपैड पर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। परमिशन न मिलने के कारण रैली को स्थगित करना पड़ा।
