सागर, 11 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सागर में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जहरीली शराब मामले के आरोपियों से जुड़ी सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया। इसमें एनएच-44 पर सड़क किनारे बने एक ढाबे के अवैध विस्तार को गिराना भी शामिल था।
राजस्व और पुलिस विभागों की एक संयुक्त टीम ने शाहगढ़ के सिमरिया उवारी गांव में 4.79 हेक्टेयर सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस जमीन पर बांदा अवैध शराब मामले के आरोपी चंद्रभान राजपूत का कब्जा था।
सागर जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा कि यह जमीन गांव के चौकीदार की सेवा के लिए आरक्षित थी। राजपूत ने 4.56 हेक्टेयर और 0.23 हेक्टेयर के दो भूखंडों पर फसलें उगाई थीं। संयुक्त टीम ने अवैध कब्जा हटाया, फसलें नष्ट कीं और जमीन को वापस सरकारी कब्जे में ले लिया।
प्रशासन ने एनएच-44 पर स्थित सौरभ ढाबे पर भी सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जा पाए जाने के बाद उसे गिराने की कार्रवाई की।
एक अधिकारी ने बताया कि ढाबे के अवैध विस्तार को हटा दिया गया और कब्जे वाले हिस्से को वापस ले लिया गया। सरकारी जमीन पर बने अवैध ढाबों, झोपड़ियों और अन्य ढांचों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए बांदरी-मालथोन टोल मार्ग पर भी इसी तरह का अभियान चलाया गया।
प्रशासन शराब मामले के अन्य आरोपियों की संपत्ति और गतिविधियों की भी जांच कर रहा था। यह प्रशासनिक कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब पुलिस जहरीली शराब कांड की जांच कर रही है, जिसमें 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
32 अन्य लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि मामले में नामजद 30 आरोपियों में से 17 को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस बीच, पुलिस ने शुक्रवार को सागर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बरायथा जंगल में हुई मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी रवि लखेरा (45) को गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर भदौरिया ने बताया कि गोलीबारी के दौरान लखेरा के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल ले जाया गया। उसके साथ मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग भागने में सफल रहे।
आरोप है कि लखेरा ने लाइसेंस प्राप्त शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर जहरीली शराब बनाई थी, जिसे सागर जिले में पेडलर्स (छोटे विक्रेताओं) के जरिए बेचा गया था। इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सागर में जहरीली शराब से हुई त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आईएएनएस से कहा, “किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
