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विपक्ष का केंद्र सरकार पर तंज, कहा- एसआईआर के जरिए मताधिकार प्रभावित किया जा रहा है

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नई दिल्ली 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। एनसीपी-एसपी और कांग्रेस के नेताओं ने एसआईआर प्रक्रिया, विरोध-प्रदर्शनों पर पाबंदियों और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार एसआईआर प्रक्रिया के जरिए लोगों के मताधिकार को प्रभावित कर रही है। वहीं, झारखंड में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है।

मुंबई में क्लाइड क्रास्टो ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर लोगों में नाराजगी है, जिसके कारण वे सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा है। जब नागरिक अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो उन्हें प्रदर्शन करने से क्यों रोका जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात करना चाहता है, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। इस तरह की स्थिति लोगों की नाराजगी को और बढ़ा सकती है।

एनसीपी एसपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को पहले बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और इसके बाद विरोध करने पर गिरफ्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, ताकि वे कथित गलत कामों के खिलाफ बोल न सकें।

क्रास्टो ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और विपक्ष इस अधिकार के तहत अपना विरोध जारी रखेगा। उन्होंने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि वह जनता के मुद्दे उठा रहे हैं, इसलिए भाजपा लगातार उनकी आलोचना करती है। क्रास्टो ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भी रोकने का प्रयास कर रही है।

रांची में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि किसी आंदोलन को केवल सफल या असफल मानकर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि आंदोलन जनता की भावनाओं और देश की सोच को व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आंदोलन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है।

सिन्हा ने सवाल किया कि केंद्र सरकार ने अब तक ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा क्यों नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति से बड़ा है। व्यापारियों के विरोध पर उन्होंने कहा कि यह उनका अपना रुख हो सकता है, लेकिन व्यापक आंदोलन का उद्देश्य देश में लोकतंत्र को मजबूत करना है।

राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपनी गलतियों के कारण डर के माहौल में काम कर रही है और इसी वजह से प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। सरकार किसानों, युवाओं और विपक्षी सांसदों से भी डर रही है।